Maharashtra: शिवसेना के बागी विधायकों को केंद्र ने दी ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा, आदित्य ठाकरे ने किए कई अहम खुलासे

शिवसेना नेता संजय राउत लगातार बागी विधायकों को मुंबई आने को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। वही शिवसैनिक सड़क पर उतरकर बागी विधायकों के खिलाफ लगातार उग्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शिंदे गुट को लगातार शिवसेना की चेतावनी के बाद केंद्र सरकार ने 15 बाकी विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई है। केंद्र सरकार की ओर से 15 बाकी विधायकों को ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई। शिवसेना नेता संजय राउत लगातार बागी विधायकों को मुंबई आने को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। वही शिवसैनिक सड़क पर उतरकर बागी विधायकों के खिलाफ लगातार उग्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

शनिवार को शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार के एकनाथ शिंदे ने सभी राज्य के गृहमंत्री एवं सीएम उद्धव ठाकरे, राज्य के डीजीपी को पत्र लिखा था। पत्र में गुवाहाटी पहुंचे विधायकों के परिवार की सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। जिसका जवाब देते हुए कहा था कि विधायकों को जो सुरक्षा दी गई है, उनके परिवार को भी ठीक उसी प्रकार की सुरक्षा तो नहीं दी जा सकती है। जिन की सुरक्षा बढ़ाई गई है उनमें मंगेश कुदलकर, रमेश बोनार्रे, संजय शिरसत, लताबाई सोनवने, प्रकाश सुर्वे, सदानंद सरनावनकर, योगेश दादा कदम, प्रताप सरनाइक, यामिनी जाधव, प्रदीप जायसवाल, संजय राठौर, दादाजी भूसे, दिलीप लांडे, बालाजी कल्याणर, संदीपन भूमारे को सीआरपीएफ की सुरक्षा प्रदान कराई गई है।

संजय राउत बार-बार गुवाहाटी पहुंचे शिवसेना विधायकों को मुंबई आने की चेतावनी दे रहे हैं। रविवार को भी उन्होंने कहा कि लाखों शिवसैनिक हमारे एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें मुंबई तो आना ही पड़ेगा। इससे पहले शनिवार को भी शिवसैनिकों ने बागी विधायकों के कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की।

Must Read- जर्मनी में बोले पीएम मोदी, आप भारत की सक्सेस स्टोरी और हमारी सफलताओं के ब्रांड एंबेसड
महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कई बड़े खुलासे किए है। हाल ही में एक बड़ा खुलासा भी किया है, बताया जा रहा है कि 20 मई को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को फोन किया था और उनसे कहा था कि अगर आप सीएम बनना चाहते हैं तो सीएम बन जाइए। वे सीएम बनना चाहते हैं लेकिन उस समय उन्होंने ड्रामा किया और रोने लगे। लेकिन ठीक 1 महीने बाद उन्होंने बगावत कर दी । आदित्य ठाकरे ने शिंदे की बगावत को अलगाववाद का नाम दिया है और उन्होंने कहा है कि ऐसा करने में सक्षम नहीं है, यह बगावत नहीं अलगाववाद है। यह सब करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तबीयत का अनुच्छेद फायदा उठाया है।

 

आदित्य ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग छोड़ना चाहते हैं और जो लोग पार्टी में लौटना चाहते है। उनके लिए शिवसेना के दरवाजे खुले है। लेकिन उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिन विधायकों ने पार्टी छोड़ी है उन्हे वापस शिंदे ग्रुप से शिवसेना में जगह नहीं दी जाएगी। जो बागी विधायक देशद्रोही हैं उन्हे पार्टी में वापस नही किया जाएगा।