Aparajita Plant Care : अपराजिता का पौधा बेहद खूबसूरत और आकर्षक होता है। इसके नीले, सफेद या बैंगनी फूल गार्डन की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। लेकिन अगर यह पौधा फूल नहीं दे रहा है, तो यह किसी भी गार्डनर के लिए निराशाजनक हो सकता है। कई बार पौधे की सही देखभाल न होने या पोषण की कमी के कारण फूल नहीं खिलते। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो आइए जानते हैं, किन उपायों से आप अपने अपराजिता के पौधे में भरपूर फूल ला सकते हैं।
अपराजिता का पौधा गर्मी के मौसम में सबसे अच्छी फ्लावरिंग देता है। मार्च से अप्रैल के बीच यह अपनी पूरी सुंदरता के साथ खिलता है। लेकिन अगर इस समय भी फूल नहीं आ रहे हैं, तो इसका कारण पोषण की कमी हो सकता है। इसे सही खाद और देखभाल की जरूरत होती है, जिससे यह ज्यादा से ज्यादा फूल दे सके।

इन देसी खादों से आएंगे अपराजिता में ढेरों फूल
पौधों को सही पोषण देने के लिए केमिकल खादों की जगह देसी जैविक खाद का इस्तेमाल सबसे अच्छा होता है। ये न सिर्फ पौधे की ग्रोथ को बढ़ाते हैं, बल्कि फ्लावरिंग को भी बढ़ावा देते हैं।
वर्मी कम्पोस्ट
वर्मी कम्पोस्ट यानी केंचुआ खाद अपराजिता के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। यह पौधे को जरूरी पोषक तत्व और हॉर्मोन देती है, जिससे फूल ज्यादा और सुंदर खिलते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
- सबसे पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें।
- अब पौधे की जड़ों के आसपास वर्मी कम्पोस्ट डालें।
- इसके ऊपर हल्की मिट्टी की परत चढ़ा दें।
- इसे हर 20-30 दिन में एक बार डालें, इससे फूलों की संख्या बढ़ेगी।
नीम खली
नीम खली में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारने के साथ-साथ पौधे में ज्यादा फूल लाने में मदद करती है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें।
- 2-3 चम्मच नीम खली लेकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें।
- इसे हर 15-20 दिन में एक बार डालें।
- अगर अभी से इसे डालना शुरू करेंगे, तो मार्च के अंत तक खूब सारी फ्लावरिंग होगी।
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
खाद डालने के साथ-साथ सही देखभाल भी बेहद जरूरी होती है। अगर आप अपराजिता की फ्लावरिंग बढ़ाना चाहते हैं, तो इन बातों को जरूर अपनाएं:
1. पौधे को ज्यादा धूप में न रखें
अपराजिता के पौधे को हल्की छांव पसंद होती है। बहुत ज्यादा धूप में यह कमजोर पड़ सकता है और फूल नहीं आएंगे। इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं, जहां सुबह की हल्की धूप मिले, लेकिन दोपहर की तेज धूप से बचाव हो।
2. प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) करें
- अगर पौधे की सूखी और कमजोर टहनियां नहीं हटाई जाएं, तो नए फूल आने की संभावना कम हो जाती है।
- हर 20 दिन में एक बार सूखे पत्ते और टहनियां काट दें।
- इससे पौधा स्वस्थ रहेगा और नई कोंपलें और फूल तेजी से निकलेंगे।
3. सर्दियों में सूखी बेल को न फेंकें
अगर ठंड के मौसम में अपराजिता की बेल सूख गई है, तो उसे उखाड़कर फेंकें नहीं। गर्मियों में जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, यह फिर से अपने आप बढ़ने लगेगी और खिल उठेगी।