कल खत्म होगा खरमास, इस साल इतने हैं वैवाहिक लग्न

अक्सर सभी जानते है कि हिन्दु धर्म में मांगलिक कार्यों को करने के लिए शुभ समय देखा जाता है। जब सभी देव जगे हो, तभी कोई भी शुभ काम होता है। लेकिन अभी खरमास चल रहा हैं। सूर्य के धनु राशि में चले जाने से खरमास लगता है। यह खरमास 15 जनवरी को खत्म होने जा रहा हैं।

0
22
shadi

अक्सर सभी जानते है कि हिन्दु धर्म में मांगलिक कार्यों को करने के लिए शुभ समय देखा जाता है। जब सभी देव जगे हो, तभी कोई भी शुभ काम होता है। लेकिन अभी खरमास चल रहा हैं। सूर्य के धनु राशि में चले जाने से खरमास लगता है। यह खरमास 15 जनवरी को खत्म होने जा रहा हैं। इसके बाद से ही कई घरों में शहनाई गूंजने लगेगी। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि में मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य की दिशा उत्तरायण होगी और फिर खरमास के कारण रुके हुए शुभ मुहूर्त एक बार फिर से शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, वर्ष में कुल 12 संक्रांतियां होती है। इस संक्रांति में सूर्य मकर राशि में रहते हैं।

दान-पुण्य का महापर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी यानि कल मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 15 जनवरी को संक्रांति का पुण्यकाल दिनभर होने की वजह से श्रद्धालु पूरे दिन दान-पुण्य और स्नान कर सकेंगे। पुण्य काल सुबह 07.19 से 12.31 बजे तक और महापुण्य काल 07.19 से 09. 03 बजे तक रहेगा।
इसके बाद मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। साल का पहला विवाह मुहूर्त 15 जनवरी को पड़ेगा। धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही विवाह, नूतन गृह प्रवेश, नया वाहन, भवन क्रय-विक्रय, मुंडन आदि होंगे।

इस साल कई विवाह के शुभ लग्न हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर माह तक कुल 73 शुभ लग्न है। खरमास खत्म होने के बाद से हिंदुओं के सभी शुभ कार्य जैसे शादी-विवाह, उपनयन, मुंडन और गृह प्रवेश आदि शुरू हो जाएंगे और यह क्रम जुलाई तक चलता रहेगा। एक जुलाई को ही देवशयनी एकादशी पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु शयन के लिए क्षीरसागर में चले जाते हैं। उनके शयन के बाद सभी प्रकार के शुभ कार्य थम जाते हैं इसके बाद 25 नवंबर से देवोत्थान एकादशी को भगवान नारायण निंद्रा से जागृत होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here