जमीयत उलेमा-ए-हिंद का दावा- मंदिर तोड़कर नहीं बनाई बाबारी मस्जिद, SC का फैसला मंजूर

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ram mandeer-babari masjid

नई दिल्ली। अयोध्या में रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट कभी भी फैसला सुना सकती है। इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुधवार को कहा है कि अयोध्या में किसी भी हिंदू मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद नहीं बनाई गई थी। साथ ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने ये भी कहा है कि उनका ये बयान ऐतिहासिक तथ्य पर आधारित है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि मुस्लिम एतिहासिक तथ्यों के आधार पर ये दावा करता रहा है कि अयोध्या में बिना किसी हिंदू मंदिर केा तोड़कर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था। हालांकि कोर्ट इस मामले में जो भी निर्णय देगा, हम उसे स्वीकार करेंगे। साथ ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुसलमानों और अन्य लोगों से अपील भी की है कि कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाए।

बता दे कि इससे पहले मंगलवार को बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के घर पर अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर एक बैठक हुई थी, जिसमें मुस्लिम धर्मगुरु और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता मौजूद थे। इस दौरान भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली भी पहुंचे थे।

अयोध्या भेजे गए चार हजार जवान

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर सोमवार को केंद्रीय शस्त्र पुलिस बल के करीब चार हजार जवानों को उत्तर प्रदेश भेजने का फैसला लिया है। जो 18 नवंबर तक राज्य में तैनात रहेंगे।

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