कहते है न जिसका कोई नहीं होता उसका ऊपरवाला होता है। इसी धर्म को निभाते हुए इंदौर की रहने वाली भाग्यश्री खरखड़िया  उन सभी लोगों की मोक्षदायनी बनती है जिनका परिवार में कोई नहीं होता है। भाग्यश्री पिछले कई सालों से ऐसे लोगों की मदद कर रही है जिनका अंतिम संस्कार करने के लिए कोई परिजन नहीं होता है ।

उनके इसी पुण्य कार्य के लिए ट्रांस ओसियाना वर्ल्ड रिकॉर्ड में भाग्यश्री खरखड़िया को उनकी निस्वार्थ सेवाओं के लिए लावारिस शव दहन,अंतिम संस्कार जैसे क्रियाओं से महिलाओं को वंचित रखा जाता है ऐसे में इंदौर की बेटी भाग्यश्री खरखड़िया ने इतिहास रचते हुए इस सेवा कार्य को पूरी श्रद्धा और निष्ठा से करते हुए विश्व की पहली महिला होने का गौरव प्राप्त किया है।

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भाग्यश्री पर आज इंदौर ही नहीं अपितु पुरे प्रदेश का नाम रोशन किया जिसके लिए आज अभी इंदौर की बेटी पर बहुत गर्व हो रहा है।