इंदौर(Indore) : इंदौर शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा वायु गुणवत्ता में सुधार के लिये अनेक कारगर कदम उठाये जायेंगे। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने आज यहां वायु गुणवत्ता सुधार के लिए गठित कार्य योजना कार्यान्वयन समिति की बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की रोकथाम और वायु गुणवत्ता का सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिये उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे पराली जलाने पर प्रभावी रोक लगाये। इस संबंध में किसानों को जागरूक करें। वाहनों के प्रदूषण स्तर की नियमित रूप से जांच करें।

धूल उड़ने वाले स्थानों को चिन्हित कर पानी के छिड़काओं की व्यवस्था करें। पीयूसी केन्द्रों को सक्रिय करें, जिससे की अधिक से अधिक वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच हो सकें। बैठक में कलेक्टर इलैया राजा टी, नगर निगम आयुक्त  प्रतिभा पाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने वायु गुणवत्ता में सुधार तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये किये जा रहे कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि इंदौर शहर में इस दिशा में प्रभावी कदम उठायें जाये।

सभी अधिकारी समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर प्रतिबंध के आदेश तथा पराली जलाने पर रोक के लिये उपाय लागू किये जायें। किसानों को जागरूक किया जाये। पराली से किसानों को किस तरह आर्थिक पहुंचे उसकी जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाये। इसके लिये कार्यशालाएं आयोजित करें। बैठक में बताया गया कि सीएंडडी एवं अन्य वेस्ट के संग्रहण एवं निपटान व्यवस्था हेतु 100 टीपीडी का ट्रीटमेंट प्लांट कार्यरत है। वर्तमान में 05 ट्रान्सफर स्टेशन स्थापित है।

मलबे को खुले मे एकत्रित करना एवं वाहनों में बिना ढके ले जाने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। शहर में 19 जोनवार ट्रांसफर स्टेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण होकर प्रस्ताव स्वीकृति हेतु एम.आई.सी में प्रक्रियाधीन है। नगर निगम आयुक्त  पाल ने बताया कि तंदूर के इस्तेमाल के रोक हेतु जांच टीम का गठन किया गया है। शहर में मेघदूत चौपाटी, स्कीम 140 की चौपाटी को पूर्णतः भट्टी फ्री मार्केट में परिवर्तित किया गया है। वर्तमान में 448 होटल, रेस्टोरेन्ट को भट्टी फ्री किया गया है।

वर्तमान में भी यह कार्य निरन्तर जारी है। कुछ जगहों पर रोटी के लिये तंदूर चल रहे है, इन्हें भी वैकल्पिक साधन उपयोग करने की समझाइश दी जाये। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने निर्देश दिये कि इस संबंध में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक भी आयोजित की जाये। उन्हें कोयले और लकड़ी के वैकल्पिक साधनों के बारे में बताया जाये। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने निर्देश दिये कि अभियान चलाकर कमर्शियल वाहनों, स्कूली बसों और अन्य वाहनों में प्रदूषण स्तर की नियमित जांच की जाये।

इसकी प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। वाहनों चालकों को बेवजह परेशान नहीं किया जाये। शहर में सभी ऑयल कंपनी दो-दो मोबाईल वाहन प्रदूषण जांच केन्द्र उपलब्ध कराये। शहर के सीमा में सभी ऑयल कंपनी पीयूसी केन्द्र स्थापित करें। इसके साथ ही सभी पेट्रोल पम्पों पर भी पीयूसी केन्द्र अनिवार्य रूप से हो। जहां स्थापित है, उन्हें सक्रिय किया जाये। निर्देश दिये गये कि, सभी पेट्रोल पंपो में नियमित रूप से जांच की जाये। उन्होंने पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देश दिये कि वाहनों में निर्धारित राशि का पेट्रोल या डीजल भराने वालों को प्रदूषण की जांच नि:शुल्क की जाये।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने निर्देश दिये कि शवदाह गृहों में गो-काष्ठ के उपयोग को बढ़ावा दिया जाये। यह प्रयास करें कि चंदन युक्त गो-काष्ठ का निर्माण हो। इस दिशा में उन्होंने अधिकारियों को चंदन युक्त गो-काष्ठ निर्माण की समझाइश भी दी। बैठक में बताया गया कि नगर निगम द्वारा सर्दियों के दौरान लकड़ी के अलाव की जगह इलेक्ट्रीक अलाव की व्यवस्था की जायेगी।