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वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सुनवाई करेगा रेरा, संभागों के अलग-अलग दिन निर्धारित

इंदौर। लॉकडाउन में बंद रियल इस्टेट के कुछ प्रोजेक्टों का काम शुरू हो गया है। अब मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में एक जून से दोबारा शिकायतों पर सुनवाई शुरू की जाएगी। रेरा ने निर्णय लिया है कि यह सुनवाई भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुरक्षित शारीरिक दूरी के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग व ऑनलाइन की जाएगी।

लॉकडाउन और लॉकडाउन के चलते रेरा की सुनवाई भी बंद हो गई थी। वहीं बिल्डर-कालोनाइजरों के भी सभी प्रोजेक्ट ठप पड़ गए, जिन्हें अब शासन-प्रशासन ने फिर से काम करने की अनुमति दी है। वहीं रेरा ने प्रोजेक्ट पूरा करने की समय सीमा भी बढ़ा दी। इंदौर में भी 29 गांवों के अलावा निगम सीमा में 5 हजार स्क्वेयर फीट के बड़े भूखंडों पर निर्माण शुरू करने की अनुमति प्रशासन ने दी है। इधर रेरा ने निर्णय लिया है कि 1 जून से वीडियो कान्फ्रेंस और ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई की जाए, क्योंकि काफी प्रकरण लम्बित पड़े हैं। रेरा के पास अभी तक 2612 प्रोजेक्ट और 677 एजेंटों का पंजीयन हो चुका है। वहीं 4300 शिकायतों में से 3200 का निराकरण किया गया।

रेरा द्वारा पंजीकृत प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करवाने और खरीददारों को हित सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है, जिसके चलते बिल्डर और कालोनाइजरों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की सुनवाई रेरा द्वारा की जाती है। जून में प्रति सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को इंदौर संभाग के प्रकरणों की भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होगी और प्रति बुधवार ग्वालियर और जबलपुर संभाग के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। पक्षकार अपने घर से ही मोबाइल या लैपटॉप के जरिए सुनवाई में शामिल रहेंगे। वहीं भोपाल के लोगों को विकल्प के तौर पर रेरा के भोपाल स्थित कार्यालय में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुनवाई का विकल्प दिया गया है, लेकिन इंदौर सहित अन्य संभागों के शिकायतकर्ताओं, पक्षकारों को ऑनलाइन ही यह सुविधा मिलेगी।