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एक हजार उद्योगों हुए चालू तो 29 लाख यूनिट तक पहुंची बिजली की खपत

इंदौर। पिछले दो महीने से लगे लॉकडाउन के चलते बिजली की खपत कम थी। अब धीरे-धीरे जैसे जैसे उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को छोट मिलती जा रही है, वैसे-वैसे बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। हालांकि अभी पूरी क्षमता से उद्योग नहीं चल पा रहे हैं, क्योंकि कुशल श्रमिकों के अलावा अन्य स्टाफ की कमी है, लेकिन इन उद्योगों के चलने से बिजली की खपत 8 लाख यूनिट से बढ़कर अब 29 लाख यूनिट तक पहुंच गई।

इसी तरह पानी की खपत भी 28 एमएलडी तक पिछले दो-तीन दिनों में ही पहुंच गई है। वहीं शहरी घरेलू बिजली की मांग भी 78 लाख यूनिट तक भीषण गर्मी के चलते पहुंच गई है।

एक तरफ शहर में गतिविधि बढ़ाने की कवायद चल रही है, वहीं 29 गांवों के अलावा सांवेर रोड, पोलोग्राउंड, लोहा मंडी, चितावद, पालदा से लेकर अब कल भी कलेक्टर मनीष सिंह ने रामबलि नगर, योजना क्र. 71, धार रोड, संगम नगर, किला मैदान क्षेत्र की इकाइयों को भी अनुमति दी। सुबह 7 से शाम 6 बजे तक ही इनमें काम होगा और स्क्रीनिंग से लेकर सेनेटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य शर्तों का कढ़ाई से पालन करना पड़ेगा। इधर पीथमपुर, देवास सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी लगातार अनुमतियां मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट कार्पोरेशन यानी एमपीआईडीसी द्वारा दी जा रही है। इसके प्रबंधक कुमार पुरुषोत्तम के मुताबिक इंदौर क्षेत्र के 70 प्रतिशत से ज्यादा उद्योगों में गतिविधियां शुरू हो गई है।

ऑटो मोबाइल, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट ऑरियेंटेड, फार्मा स्वीटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटो कम्पोनेंट से लेकर अन्य तरह की फैक्ट्रियों में काम शुरू हो गया है। इसका प्रमाण यह है कि पानी और बिजली खपत बीते 3-4 दिनों ही कई गुना बढ़ गई है। पहले जहां पीथमपुर के ही उद्योगों में अप्रैल के महीने में 8 लाख यूनिट बिजली की ही खपत हो रही थी, क्योंकि फार्मा स्वीटिकल्स सहित कुछ ही उद्योग चल रहे थे। मगर अब अन्य उद्योगों में भी उत्पादन शुरू हो गया, जिसके चलते बिजली की खपत बढ़कर 29 लाख यूनिट बढ़कर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। जबकि पीथमपुर में सामान्य दिनों में 40 लाख की खपत रहती थी। वहीं 15 जिलों में लगभग 750 मेगावाट तक हाईटेंशन लाइन से बिजली दी जाती थी। वहीं 500 मेगावाट तक लग रही है।

इंदौरी पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के विकास नरवाल का भी कहना है कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की खपत में लगातार इजाफा हो रहा है। खासकर पीथमपुर में तो सामान्य दिनों की तरह ही अब 80 प्रतिशत तक खपत पहुंच गई है। वहीं पानी की खपत में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 8 एमएलडी पानी की बजाय अब 28 एमएलडी पानी लग रहा है। पीथमपुर में ही छोटे-बड़े एक हजार उद्योगों में उत्पादन शुरू हो गया है। वहीं देवास और अन्य क्षेत्रों में भी छोटी-बड़ी 400 औद्योगिक इकाइयां शुरू हो गई। वहीं इंदौर शहर के आसपास के भी उद्योगों को लगातार अनुमति दी जा रही है।

वहीं 29 ग्रामीण क्षेत्रों में कंस्ट्रक्शन सहित अन्य गतिविधियां भी शुरू करवा दी है। वहीं बिजली कम्पनी का यह भी कहना है कि शहर में भी घरेलू बिजली की मांग 78 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। मई के पहले हफ्ते में 122 मेगावाट तक मांग थी, जो अब बढ़कर 372 मेगावाट तक हो गई है, क्योंकि अभी गर्मी का प्रकोप भी बढ़ गया और कफ्र्यू-लॉकडाउन के चलते लोग घरेों में ही कैद हैं। इसके चलते पंखे, कूलर, एसी से लेकर अन्य उपकरणों का इस्तेमाल अधिक हो रहा है।