मध्य प्रदेश में रविवार, 23 फरवरी को मौसम एक बार फिर करवट लेने की स्थिति में है। ताजा अनुमान के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि दर्ज हो सकती है। राजधानी भोपाल सहित मध्य हिस्से के शहरों में भी बादल बढ़ने, हवा का रुख बदलने और कुछ स्थानों पर हल्की बौछार की स्थिति बन सकती है। फरवरी के दौरान यह मौसम में चौथी उल्लेखनीय तब्दीली मानी जा रही है।
मौसम के इस बदलाव का सीधा असर दिन और रात के तापमान पर पड़ सकता है। जिन इलाकों में बादल अधिक रहेंगे, वहां दिन का तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। वहीं रात के समय भी हल्की ठंडक बनी रहने के संकेत हैं। पिछले कुछ दिनों में धूप और ठंड के बीच बने उतार-चढ़ाव के बाद अब फिर नमी और बादलों का दौर लौटने की संभावना जताई जा रही है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान इस सिस्टम का मुख्य हिस्सा है। ऐसे हालात में मौसम कुछ घंटों के भीतर तेजी से बदल सकता है। खुले इलाकों, खेतों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत रहेगी। शहरी इलाकों में भी तेज हवा के साथ हल्की वर्षा होने पर ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
फरवरी में चौथी बार बदलता मौसम
इस महीने प्रदेश में मौसम कई बार पलटा है और अब चौथे बदलाव की स्थिति बन रही है। कभी तेज धूप, कभी बादल और बीच-बीच में ठंडी हवा का असर देखने को मिला। इसी क्रम में अब नए दौर की गतिविधि खासकर पूर्वी हिस्सों पर केंद्रित बताई जा रही है। मौसम के ऐसे अंतराल पर होने वाले बदलाव से तापमान का ट्रेंड स्थिर नहीं रह पाता और दैनिक जीवन की योजना भी प्रभावित होती है।
राजधानी भोपाल में आमतौर पर ऐसे बदलाव के दौरान सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ जाती है, जबकि दोपहर में धूप निकलने पर राहत मिलती है। इस बार बादल बढ़ने की स्थिति बनी तो धूप का असर सीमित रह सकता है। नमी बढ़ने पर हवा में बदलाव महसूस होगा। हालांकि व्यापक और लगातार बारिश का संकेत नहीं है, लेकिन मौसम अस्थिर रहने की आशंका बनी हुई है।
पूर्वी जिलों में सतर्कता क्यों जरूरी
पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक की संभावना के कारण खुले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत रहती है। ग्रामीण अंचलों में खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने के संकेत मिलते ही सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे रुकना या खुले मैदान में खड़े रहना जोखिम बढ़ा सकता है। छोटे अंतराल की बारिश भी फसली कामकाज और परिवहन पर असर डालती है।
मौसम में तेजी से बदलाव के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता भी जरूरी है। सुबह-शाम ठंडी हवा और दिन में बदलती नमी से सर्दी-जुकाम जैसे मौसमी लक्षण बढ़ते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को तापमान के उतार-चढ़ाव के हिसाब से दिनचर्या रखने की जरूरत होती है। शहरों में दोपहिया वाहन चालकों को तेज हवा और हल्की बौछार की स्थिति को ध्यान में रखकर निकलना चाहिए।
आने वाले दिनों का संकेत
23 फरवरी का यह बदलाव केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित रहेगा या अगले 24 से 48 घंटे तक असर डालेगा, यह स्थानीय मौसम की प्रगति पर निर्भर करेगा। फिलहाल संकेत यही हैं कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। पूर्वी भाग में सक्रियता अधिक, जबकि मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बादल और हल्के असर का मिश्रित पैटर्न देखा जा सकता है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में फरवरी का मौसम स्थिर नहीं दिख रहा है। पूर्वी जिलों में बारिश और गरज-चमक के अनुमान के साथ भोपाल सहित कई इलाकों में बादल छाने की स्थिति बन रही है। लोगों के लिए जरूरी है कि दिनभर के काम, यात्रा और बाहरी गतिविधियों से पहले ताजा पूर्वानुमान देखते रहें, क्योंकि इस महीने मौसम तेजी से बदल रहा है और यह इसका चौथा बड़ा चरण माना जा रहा है।











