इंदौर में पानी के लिए सड़कों पर उतरे लोग, 8 दिनों में 2 हजार से अधिक शिकायतें हुई दर्ज, टैंकर चालक खुलेआम कर रहे वसूली

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By Raj RathorePublished On: May 19, 2026
Indore Water Crisis

इंदौर में गर्मी बढ़ने के साथ जलसंकट भी लगातार गहराता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले आठ दिनों में पानी की समस्या को लेकर 22 जोन में दो हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, जिसके चलते सोमवार को गौरीनगर, खातीपुरा और वीणा नगर में रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा।

लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि सरकारी टैंकर जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के बजाय पैसे लेकर सप्लाय कर रहे हैं। कई रहवासियों ने दावा किया कि टैंकर चालक खुलेआम रुपए मांग रहे हैं और पैसे देने वालों को प्राथमिकता से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

वसूली के आरोप

जोन 4 के वार्ड 13 में रहवासियों ने आरोप लगाया कि निगम के टैंकर चालक ने पानी देने के बदले 500 रुपये वसूले। विरोध करने पर एक महिला के साथ बदसलूकी भी किए जाने की शिकायत सामने आई है।

वहीं, वार्ड 79 के उदित नामक रहवासी ने आरोप लगाया कि पानी मांगने पर चालक ने 200 रुपये की मांग की। जोन 10 के वार्ड 40 में अजय नाम के शिकायतकर्ता ने कहा कि क्षेत्र में दरोगा की मिलीभगत से 800 से 900 रुपये तक में टैंकर बेचे जा रहे हैं।

नेहरू नगर क्षेत्र में एक आरओ प्लांट पर टैंकर खाली किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि जिन इलाकों में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां पर्याप्त सप्लाय नहीं हो पा रही।

ढाई से तीन घंटे तक चला प्रदर्शन

गौरीनगर, खातीपुरा, वीणा नगर और आसपास के इलाकों में रहवासियों ने करीब ढाई से तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि पानी का प्रेशर बेहद कम है, जिसके कारण पर्याप्त सप्लाय नहीं हो पा रही।

वार्ड 20 और आसपास के क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस पार्षद यशस्वी पटेल और राजू भदौरिया ने बताया कि तीन दिन पहले भी निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद नर्मदा प्रोजेक्ट की टीम मौके पर पहुंची थी और जल्द व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था, लेकिन सोमवार को भी कई टंकियों से पानी वितरण नहीं हो सका।

कई इलाकों में सप्लाय प्रभावित

तपेश्वरी बाग क्षेत्र में हाईड्रेंट में तोड़फोड़ होने के बाद वार्ड 37 के कई इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी सप्लाय नहीं हो सका। इसके चलते उन क्षेत्रों के लोग भी परेशान हो गए जहां पूरी तरह टैंकरों पर निर्भरता है।

6500 में से 3538 सरकारी बोरिंग सूखे

जलसंकट को लेकर सोमवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने समीक्षा बैठक भी की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर में मौजूद 6500 सरकारी बोरिंग में से 3538 बोरिंग पूरी तरह सूख चुके हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक साल में 7 नई पानी की टंकियां शुरू की गई हैं, जिनसे करीब 18 से 20 प्रतिशत आबादी को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 20 एमएलडी अतिरिक्त पानी टंकियों से टैंकरों के माध्यम से सप्लाय किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि एक-दो दिन में 95 प्रतिशत क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।

जलसंकट पर राजनीति भी तेज

जल संकट को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार और नगर निगम को घेरते हुए कहा कि इंदौर में जनता ही नहीं, भाजपा विधायक भी पानी की समस्या से परेशान हैं। बता दे कि विधानसभा-5 में जलसंकट को लेकर भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए थे।