मध्य प्रदेश

कोरोना के चलते गड़बड़ाई सफाई व्यवस्था, सात दिनों में शहर को फिर चकाचक करेगा निगम

इंदौर। शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच निगम कर्मचारी इससे निपटने के लिए जुटे हुए हिया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसके कारण अब शहर में गंदगी भी नजर आने लगी है। इसको देखते हुए अब निगमायुक्त ने पूरे सफाई अमले को स्टेडियम में नए सिरे से ट्रेनिंग दी और अगले सात दिनों में शहर को चकाचक करने को कहा, क्योंकि अभी छूट के चलते सड़कों पर जहां वाहनों की भीड़ बढ़ी, वहीं कचरा भी अधिक नजर आने लगा है।

बायोमैट्रिक की बजाय घड़ी के माध्यम से कर्मचारियों की हाजरी दर्ज होगी। निगम आज से ये घड़ी भी उपलब्ध करवाएगा। पिछले दिनों निगमायुक्त का तबादला हुआ और नई आयुक्त प्रतिभा पाल को अभी थोड़ा समय निगम की कार्यप्रणाली को समझने में लग रहा है। कोरोना के चलते निगम सफाई, राजस्व सहित अपने मूलभूत कामों की बजाय घर-घर सर्वे, सेनेटाइजेशन से लेकर अन्य जिम्मेदारियां निभा रहा है, जिसके चलते सफाई व्यवस्था गड़बड़ा गई।

लिहाजा कल शाम आयुक्त प्रतिभा पाल ने सफाई व्यवस्था को लेकर नेहरू स्टेडियम में बैठक ली। इसमें अपर आयुक्त एस. कृष्ण चैतन्य, रजनीश कसेरा के अलावा सभी स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई, दरोगा, सहायक दरोगा व अन्य अमला मौजूद रहा। आयुक्त पाल द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान पूरे स्वास्थ्य अमले को पूरी ताकत के साथ शहर में सफाई व्यवस्था में जुटने हेतु कहा गया ! बैठक में समस्त स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह सफाई के समय व दोपहर को फील्ड में रहेंगे तथा अधिकतम समय फील्ड में रहना सुनिश्चित करेंगे तथा समस्त सहायक सीएसआई दरोगा को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जितने भी कचरे के पॉइंट हैं उन्हें अगले 7 दिन तक सफाई अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

रोड के आस पास, फुटपाथ, लिटर बिन के आसपास, बिजली के खंभे -डीपी के आसपास, खड़ी हुई गाड़ियों के आस-पास, मुख्य रोड, कॉलोनी के मुख्य रोड़ों पर जहां पर अभी कचरा है उसे सफाई अभियान में साफ करेंगे। लॉकडाउन शहर से जब खुल जाएगा और नागरिक घरों मैं से बाहर आएंगे तो उन्हें सफाई पहले की तरह ही चाक-चौबंद नजर आना चाहिए उन्हें यह एहसास होना चाहिए कि दो महा तक वह घर में रहे किंतु निगम का स्वास्थ्य अमला उसी प्रकार से लाकडाउन में भी सफाई करता रहा जैसा पहले करता था। कचरा गाडिय़ां प्रतिदिन निर्धारित समय पर डोर टू डोर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करें, गीला सूखा कचरा घरों से ही अलग-अलग लेवे, प्रत्येक लीटर बिन की सफाई सुनिश्चित की जाए, सफाई के लिए जो मशीनें लगाई गई है उनका पूरे समय उपयोग करें। सभी सीएसआइ दरोगा व सहायक दरोगा की उपस्थिति पहले बायोमेट्रिक द्वारा दर्ज की जाती थी, अब घड़ी के माध्यम से अपने आप उपस्थिति दर्ज हो जाएगी।

स्वास्थ्य अमले में प्रत्येक स्वास्थ्य अधिकारी सीएसआई सहायक सीएसआई दरोगा व सहायक दरोगा द्वारा अपने निर्धारित समय से अधिक समय तक स्व प्रेरणा से फील्ड में रहकर इंदौर में कार्य किया जाता है घड़ी के माध्यम से उन कर्मचारियों के कार्य के समय का एक डाटा तैयार कर देश में स्व प्रेरणा से काम करने का एक मॉडल प्रस्तुत किया जावेगा !सहायक दरोगा स्तर तक के कर्मचारी को निगम द्वारा कल से घड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। अब उन्हें कहीं भी हाजिरी दर्ज कराने हेतु नहीं जाना होगा कार्यस्थल पर पहुंचने पर घड़ी के माध्यम से अपने आप उपस्थिति दर्ज हो जाएगी। समस्त स्वास्थ्य अधिकारी सीएसआई व दरोगा उनके अधीनस्थ कार्यरत सफाई मित्रों की उपस्थिति शो प्रतिशत सुनिश्चित करेंगे।

साथ ही जो हमारे सफाई कर्मचारी मित्र हैं उनके संबंध में प्रत्येक वार्ड वार उपस्थिति मुख्यालय में प्रतिदिन दी जाएगी जिसमें कुल कर्मचारियों की संख्या, उपस्थित कर्मचारियों की संख्या, अनुपस्थित कर्मचारियों की संख्या नाम, पता व अनुपस्थिति का कारण दिया जावेगा! यदि कोई कर्मचारी स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित नहीं होता है तो उसके लिए निगम द्वारा टीम का गठन किया जा रहा है जो उस कर्मचारी के पास जाकर उसके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेकर उसे हॉस्पिटल ले जाकर आवश्यक उपचार की व्यवस्था करेगी। बीमारी के कारण अनुपस्थित सफाई मित्र की अनुपस्थिति नहीं मानी जाकर उपस्थिति दर्ज की जाएगी। प्रत्येक वाहन की लाग बुक का संधारण किया जावे उसमें कितने किलोमीटर गाड़ी चली, कितना डीजल लिया आदि समस्त जानकारी की पूर्ति की जाना सुनिश्चित की जाए।