मध्य प्रदेश

कोरोना: बढ़ते मामलों के बीच इंदौर को राहत, शुरू हो सकेगी आर्थिक गतिविधि

इंदौर। लॉकडाउन 4 में केंद्र सरकार ने सतर्कता के साथ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने पर भी जोर दिया है। केंद्र सरकाए ने इसका जिम्मा राज्य सरकारों को सौंपा है। जिसके बाद अब राज्य सरकारें स्तिथियों को देखते हुए छोट दे रही है।

इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कल रात वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए अधिक से अधिक आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए। साथ ही विशेष छूट या प्रतिबंध की आवश्यकता होने पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा कर शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा। कल रात ही कलेक्टर मनीष सिंह ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ इंदौर में दी जाने वाली छूट के संबंध में चर्चा की और आज कई तरह के आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। एक तरह से शासन ने कोरोना संक्रमण बढऩे की जोखिम से इंदौर कलेक्टर को बड़ी राहत दे दी है। वरना मीडिया से लेकर राजनेताओं द्वारा हल्ला मचाया जाता।

विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर तमाम कोरोना विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जल्द ही इसका वैक्सीन उपलब्ध नहीं होगा और सभी को कोरोना के साथ ही जीना पड़ेगा। बीते 56 दिनों से कर्फ्यू और लॉकडाउन चल रहा है। इसके चलते जनता जहां घरों में कैद है, वहीं कारोबार, उद्योग सहित सारी आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी है। सरकार को भी राजस्व का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी जान के साथ जहान बचाने की अपील की।

वहीं लॉकडाउन-4 में राज्यों को ही ज्यादा अधिकार दे दिए। मध्यप्रदेश सरकार का खजाना भी खाली है और दूसरी ओर मजदूरों का पलायन चल रहा है। इसके चलते अब अधिक से अधिक औद्योगिक और अन्य आर्थिक गतिविधियां शुरू करवाई जा रही है और संक्रमण फैलने की जोखिम के साथ छूट दी जा रही है। देशभर में लॉकडाउन की सख्ती जारी रहने के बावजूद कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख से ज्यादा हो गई है और लम्बे समय तक लॉकडाउन को जारी भी नहीं किया जा सकता। लिहाजा अब प्रदेश सरकार ने भी जनता को यह सलाह दी कि वह अधिक से अधिक सावधानी बरते और कोरोना के साथ रहने की आदत डाल ले। शिवराज सरकार ने पूरे प्रदेश में केवल रेड और ग्रीन झोन ही रखे हैं।

इंदौर चूंकि रेड झोन में है, जहां कल रात तक अधिकृत मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2715 पहुंच गई है और 70-80 मरीज रोजाना मिल भी रहे हैं। हालांकि इनमें 90 फीसदी बिना लक्षण वाले मरीज हैं। लिहाजा कंटेनमेंट एरिया छोड़कर अब शहर और उससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक आर्थिक गतिविधियां शुरू करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंस कर सभी जिला कलेक्टरों से चर्चा की, जिसमें कहा गया कि शासन ने लॉकडाउन-4 की गाइडलाइन भिजवा दी है और दी गई छूट के कारण अब लोग अधिक संख्या में घरों से निकलेंगे, लिहाजा सावधानी जरूरी है और लोगों को मास्क पहनने, फिजिकल डिस्टेंसिंग, भीड़ इकट्ठी ना होने देने की समझाइश दी जाए और ऐसा ना करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण को हर हाल में रोकना है और यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता भी रहेगी, लेकिन इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी सुचारू करना है और अब सभी जिलों को लॉकडाउन-4 की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन करना पड़ेगा। यदि जिले की परिस्थिति के मुताबिक कोई विशेष छूट या प्रतिबंध की आवश्यकता हो तो क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा कर शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजें और स्वीकृति प्राप्ति के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाए। शासन ने शाम 7 से सुबह 7 बजे तक कफ्र्यू का पालन सख्ती से करवाने की बात भी कही, ताकि इस अवधि में कोई भी व्यक्ति बिना अत्यावश्यक कार्य के घर से बाहर ना निकले। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन किया जाए। वे नियमों का पालन करें और संक्रमित क्षेत्रों के लोग घर पर ही रहें और जिन लोगों के सेम्पल लिए गए हैं उन्हें अनिवार्य रूप से आइसोलेट किया जाए।

लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। इसमें सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, मीडिया सहित अन्य वर्ग का सहयोग भी लें और अस्पतालों से लेकर चिकित्सा की व्यवस्था बेहतर की जाए। अभी तक इंदौर में चूंकि लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलते रहे और देशभर में इंदौर का नाम बदनाम भी हुआ। हालांकि शासन ने सही समय पर कलेक्टर मनीष सिंह को भेजकर सभी निर्णय लिया, जिन्होंने कोरोना संक्रमण पर काबू पाया और सख्ती से कर्फ्यू-लॉकडाउन का पालन करवाया। वरना जिस तरह से 15 फरवरी के बाद और मार्च के दूसरे पखवाड़े तक कोरोना संक्रमण तेजी से फैला अगर उसे काबू नहीं किया जाता तो इंदौर में अभी 10 से 12 हजार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल जाते और मौत का आंकड़ा भी 2 से 3 गुना रहता।

कलेक्टर मनीष सिंह ने जहां सख्ती की, वहीं निजी-सरकारी अस्पतालों को इलाज के लिए तैयार किया और राशन, सब्जी, दवाई से लेकर अत्यावश्यक सेवाओं की आपूर्ति भी घरों में बंद जनता को बेहतर तरीके से करवाई। इसके साथ ही आर्थिक गतिविधयां भी धीरे-धीरे शुरू की गई। मगर अभी भी अधिकारियों को यह भय रहता है कि कोरोना संक्रमण अगर बढ़ा तो कहीं उसकी गाज उन पर ना गिरे, लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद आर्थिक गतिविधियों को शुरू करवाने और कलेक्टरों को भी राहत देने का निर्णय लिया है, जिसके बेहतर परिणाम रहेंगे और अब प्रशासनिक मशीनरी भी पूरी ताकत से आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने और उसके साथ ही कोरोना संक्रमण को रोकने में जुटेगी।

तमाम विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट कहा है कि छूट देने और तमाम गतिविधियों को शुरू करने के चलते कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ेगा और इंदौर में ही आने वाले दिनों में 10 से 12 हजार पॉजिटिव मरीजों की संख्या होने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि भी जोखिम लेने से बच रहे थे, मगर अब शासन ने ही एक तरह से कोरोना संक्रमण की जोखिम अपने ऊपर ले ली है, जिसके चलते इंदौर कलेक्टर को भी बड़ी राहत मिल गई है, जो अपनी पदस्थापना से लेकर लगातार 18 घंटे काम कर रहे हैं।

8 नए कंटेनमेंट एरिया भी किए घोषित

शहर में कंटेनमेंट एरिया में तो अभी सख्ती जारी रहेगी, वहीं जिन क्षेत्रों में 21 दिन में कोई कोरोना मरीज नहीं मिला उन्हें कंटेनमेंट एरिया से मुक्त भी किया जा रहा है। कलेक्टर मनीष सिंह ने जिन क्षेत्रों में नए मरीज मिले वहां 8 नए कंटेनमेंट एरिया घोषित किए हैं। इन कंटेनमेंट एरिया के लिए इंसीडेंट कमांडरों की नियुक्ति भी कर दी गई है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार सुभाष मार्ग, राधिका सोसायटी, पैराडाइज कॉलोनी, महावर नगर, राज नगर, अहिल्या नगर विमल श्री रेसीडेंसी रिंग रोड़ तथा टेलीफोन नगर को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है।

संक्रमण की रोकथाम हेतु कंटेनमेंट एरिया के अंतर्गत पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा एवं इस एरिया में अंदर आना एवं बाहर जाना भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा। कंटेनमेंट एरिया में स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा सतत स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए दलों का गठन भी किया गया है। समस्त दल कोरोना वायरस संदिग्ध केस की मानिटरिंग प्रतिदिन करेंगे, एवं कोरोना संक्रमण के संभावित लक्षण जैसे बुखार, खांसी, गले में दर्द एवं श्वास लेने में तकलीफ आदि लक्षण आने पर वरिष्ठों को सूचना देना सुनिश्चित करेंगे। कोविड-19 के सस्पेक्टेड केस की मानिटरिंग करेंगे। पॉजिटिव मरीजों के परिजन, निकट संपर्क को कोरेंटाइन कराना, उनका फॉलोअप लेना आदि कार्य भी दलों द्वारा किया जाएगा।

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