इंदौर में एबी रोड पर एलिवेटेड ब्रिज निर्माण को मिली रफ्तार, कई चौराहों के फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अब भी अधूरे

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By Pinal PatidarPublished On: February 25, 2026

इंदौर विकास प्राधिकरण ने एबी रोड के आठ प्रमुख चौराहों सहित शहर के कुल 19 स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण की संभावनाओं को लेकर विस्तृत सर्वे कराया था। तकनीकी मूल्यांकन के बाद एबी रोड पर पारंपरिक फ्लाईओवर के बजाय एलिवेटेड कॉरिडोर अधिक उपयोगी और दीर्घकालिक समाधान माना गया। इसके तहत एलआईजी से नौलखा तक लगभग छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। एलआईजी की ओर प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने से काम प्रारंभ हो चुका है। परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए निर्माण दो अलग-अलग छोर से एक साथ किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव को जल्द राहत मिल सके।

अन्य 11 चौराहों पर निर्माण अब भी लंबित

जहां एबी रोड पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है, वहीं अन्य 11 चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अक्टूबर में रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद जमीनी कार्रवाई नहीं हुई। इन स्थानों पर आज भी वाहन चालकों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है। सर्वेक्षण और योजना तैयार करने में तेजी दिखाई गई, लेकिन निर्माण प्रक्रिया में अपेक्षित गति नजर नहीं आ रही। इससे नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है।

अग्रसेन चौराहा परियोजना आपत्तियों में उलझी

अग्रसेन चौराहा पर 561 मीटर लंबा फ्लाईओवर 56 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1.28 लाख वाहनों को प्रतिदिन लाभ मिलने का अनुमान है। कुछ माह पूर्व कलेक्टर शिवम वर्मा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि यातायात विभाग ने लोहा मंडी और छावनी मंडी के भारी वाहनों के डायवर्जन के विकल्प न मिलने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कर दी। इसी कारण यह परियोजना फिलहाल अटकी हुई है।

लाइन शिफ्टिंग से अटका बड़ा गणपति चौराहा

बड़ा गणपति चौराहा पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन विद्युत और अन्य उपयोगिताओं की लाइन शिफ्टिंग लंबित होने से काम शुरू नहीं हो सका। आईडीए ने लाइन स्थानांतरण के लिए नगर निगम को राशि आवंटित कर दी है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

सुधार प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में

सर्वे में चार चौराहों पर संरचनात्मक सुधार का सुझाव दिया गया था। पत्रकार कॉलोनी चौराहा पर मेट्रो रेल अलाइनमेंट के कारण फ्लाईओवर का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया, लेकिन 4.3 करोड़ रुपये की लागत से चौराहे के विकास की योजना बनाई गई थी। यह काम भी अब तक शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा छावनी चौराहा, कृषि कॉलेज और आजाद नगर चौराहा पर सुधार कार्य की सिफारिश की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां छोटे स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से ही यातायात सुगम हो सकता है, फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।

प्रस्तावित अन्य प्रमुख फ्लाईओवर परियोजनाएं

टावर चौराहा पर 523 मीटर लंबा फ्लाईओवर 37 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है, जिससे करीब 1.20 लाख वाहनों को राहत मिलेगी। गोपुर चौराहा पर 548 मीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए 90 करोड़ रुपये का अनुमान है, जिससे 85 हजार वाहन लाभान्वित होंगे। जंजीरवाला चौराहा पर चार भुजाओं में एलिवेटेड रोटरी बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत लगभग 90 करोड़ रुपये आंकी गई है और इससे 1.07 लाख वाहनों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। चाणक्यपुरी चौराहा पर 65 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर प्रस्तावित था, लेकिन मेट्रो अलाइनमेंट के कारण यह योजना फिलहाल रोक दी गई है।

इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन से शहर के यातायात ढांचे में बड़ा सुधार संभव है, हालांकि फिलहाल अधिकांश योजनाएं प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों में उलझी हुई हैं।