देशमध्य प्रदेश

कलेक्टर ने लिकोडिया टॉक ग्राम में पौधा रोपकर किया शुभारंभ

उज्जैन 29 जुलाई। कलेक्टर आशीष सिंह ने आज दोपहर पश्चात खाचरोद तहसील के ग्राम  बेडावन्या  एवं  लेकोडिया टांक  का दौरा किया । उन्होंने  बेडावन्या  में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गणवेश निर्माण के लिए महिलाओं को दिए जा रहे  सिलाई प्रशिक्षण कार्य का निरीक्षण किया तथा ग्राम ले कौड़िया टॉक के कृषक गोकुल सिंह द्वारा स्थापित किए जा रहे हैं नंदन फलोद्यान का उनके खेत पर जाकर  शुभारंभ  किया एवं नींबू का पौधा लगाया। कलेक्टर ने यहां पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा की तथा लोगों से पूछा कि कितने लोगों को नंदन फलोद्यान योजना के बारे में जानकारी है तो ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी पहली बार हो रही है ।यहां पर न तो उद्यान विभाग के अधिकारी कर्मचारी व ना ही अन्य विभागों के कर्मचारी इस तरह की जानकारी उपलब्ध करवाते हैं। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विस्तार कार्यक्रमों में बरती जा रही लापरवाही के चलते उपसंचालक उद्यानिकी का 15 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं ।साथ ही उन्होंने ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी प्रेम सिंह चौहान द्वारा नंदन फलोद्यान के विस्तार कार्यक्रम में लापरवाही बरतने एवं डीपीआर तैयार नहीं करने के कारण  तत्काल प्रभाव से उनको निलंबित कर दिया है।

कलेक्टर ने सबसे पहले ग्राम  बेडावन्या में चल रहे सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम में जाकर महिलाओं से चर्चा की तथा उनका उत्साह वर्धन किया । कलेक्टर को यहां पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित अस्थाना ने बताया कि जिले में इस तरह कि 900 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो आगामी समय में जिले की आवश्यकता के अनुरूप दो लाख से अधिक  गणवेश   बनाएगी । उन्होंने कहा कि  सिलाई  प्रशिक्षण  के  लिए   महिलाओं की संख्या 900 से बढ़ाकर 1500 तक करने की योजना है।

नंदन फलोद्यान योजना से 536 मानव श्रम दिवसों का सृजन होगा

ग्राम लेकोडा  टॉक में कृषक गोकुल सिंह की  1 एकड़ जमीन पर नंदन फलोद्यान विकसित किया जा रहा है इसमें 400 नींबू के पौधे लगाए जा रहे हैं ।कुल दो लाख 18 हजार  की इस योजना से किसान को 536 मानव श्रम दिवस  का लाभ होगा ।अपने ही खेत पर काम करने के एवज में उनको प्रतिदिन ₹180 के मान से मजदूरी दी जाएगी। कलेक्टर ने कृषक गोकुल सिंह के परिजनों से पूछा कि इस योजना से किस तरह लाभ अर्जित करेंगे   तो कृषक ने बताया कि यह फसल साल में तीन बार नींबू देगी । तीनों फल बहार में अलग-अलग दर से नींबू की बिक्री होगी। सर्वाधिक राशि गर्मी के समय में मिलेगी ।उन्होंने बताया कि एक हेक्टर में ढाई सौ  से 300 क्विंटल नींबू का उत्पादन होगा। ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी ने जानकारी दी कि कृषकों को इस बात का प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वह किस तरह से गर्मी के समय में अधिक नींबू की फसल ले सके और अधिक लाभ कमा सकें। कलेक्टर ने उक्त योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए हैं । निरीक्षण के दौरान एसडीम खाचरोद वीरेंद्र सिंह दांगी, नागदा एसडीएम कुमार पुरुषोत्तम ,जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप पाल ,ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के  अनुविभागीय अधिकारी मनोज शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे ।

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