भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) में 28-29 अक्टूबर, 2022 को मध्य भारत का सबसे बड़ा मार्केटिंग फेस्ट, ‘उत्साह’ आयोजित किया गया। इस वर्ष के फेस्ट की थीम थी – “मार्केटिंग थ्रू मल्टीप्ल लेंस”। दो-दिवसीय इस फेस्ट में भारत के विभिन्न बिजनेस स्कूलों के 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।

फेस्ट का उद्घाटन प्रो. सौम्य रंजन दाश, डीन (प्रोग्राम्स), आईआईएम इंदौर द्वारा किया गया। प्रो. स्वतंत्र, चेयर – हॉस्टल एवं स्टूडेंट अफेयर्स; प्रो. अभिषेक मिश्रा, चेयर-एफपीएम, फैकल्टी, आईआईएम इंदौर; और कर्नल गुरुराज गोपीनाथ पामिडी (सेवानिवृत्त), मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, आईआईएम इंदौर भी उपस्थित थे। प्रो. दाश ने उत्साह टीम को उनकी मेहनत के लिए बधाई दी और ग्रामीण बाजार के विकास और वृद्धि पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक मार्केटिंग फेस्ट आयोजित करना बहुत ही आगामी और प्रासंगिक है। कर्नल पामिडी ने कोरोना के बाद पहली बार ऑफलाइन रूप में सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए उत्साह टीम को बधाई दी। प्रो. अभिषेक मिश्रा ने शहरी-से-ग्रामीण परिवर्तन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. स्वतंत्र ने भी फेस्ट के आयोजकों की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।

इस फेस्ट में विभिन्न वर्कशॉप और स्पीकर सेशन हुए

एचपी के सीएमआईटी बिजनेस हेड श्री संजीव पाठक ने मार्केटिंग के तीन स्तंभों: क्रिएट यानि निर्माण, कम्युनिकेट यानि सम्प्रेषण और डिलीवर यानि प्रदान करने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उल्लेख किया कि ग्राहक से किया गया वादा बहुत महत्वपूर्ण है। विपणन की भूमिका कथित मूल्य को बढ़ाना है, जो एक ब्रांड बनाने में मदद करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि “पता लगाएं कि आपका ग्राहक कौन है और उपभोक्ता कौन।”

ग्रोथ एकेड में ग्रोथ मार्केटर श्री गोविंद चांडक द्वारा डिजिटल मार्केटिंग और ग्रोथ हैकिंग पावर सेशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। उन्होंने एक रचनात्मक, अच्छी तरह से स्थापित और सफल विकास विपणन रणनीति के लिए कौशल प्राप्त करने के बारे में सुझाव दिए।

जीएनसी इंडिया के मुख्य विकास अधिकारी श्री अक्षय दुआ ने “ब्रांड कैसे विकसित करें” पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ब्रांड बनाने के लिए, आपके पास एक स्पष्ट ब्रांड पहचान होनी चाहिए, ब्रांड के मूल संदेश को जानना चाहिए। एक ब्रांड की भी एक कहानी होनी चाहिए। “साझा भावनाओं और आकांक्षाओं के साथ एक संस्थान का निर्माण करें,” उन्होंने कहा।

“स्मॉल इज बिग” के लेखक श्री अमित अग्रवाल ने जीवन, व्यवसाय और उत्पादकता में सूक्ष्म उत्कृष्टता के महत्त्व पर चर्चा की। उन्होंने बिक्री, पोषण आहार और वित्तीय स्वास्थ्य पर जानकारी दी। उन्होंने अंग्रेजी के तीन ‘आर’ के बारे में बात की: रिवॉर्ड यानि इनाम, रिस्क यानि जोखिम और रिपीटीशन यानि दोहराव। “पृथ्वी एक स्कूल है जहां आपको खुद पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी गुणवत्ता विकसित करने की आवश्यकता है”, उन्होंने कहा।

कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, आईनॉक्स के एवीपी श्री पुनीत गुप्ता ने प्रभावी मार्केटिंग पर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी मार्केटर के लिए सबसे महत्वपूर्ण कौशल अपने ब्रांड को प्रतिस्पर्धियों से अलग करने के अवसरों की पहचान करना है। “अपना माध्यम चुनें, और ब्रांड के लिए विभेदक बनाने के अवसरों की पहचान करना सीखें,” उन्होंने समझाया।

श्री विजय नायर, वीपी और मार्केटिंग हेड, शाइन डॉट कॉम ने उत्साह थीम – विभिन्न परिदृश्यों के माध्यम से ऑनलाइन मार्केटिंग पर चर्चा की। उन्होंने मार्केटिंग 5.0 की महत्वपूर्ण अवधारणाओं, राजस्व कारकों और ब्रांडिंग, जागरूकता, रूपांतरण इत्यादि तकनीकों पर चर्चा की। “अच्छी मार्केटिंग कंपनी को स्मार्ट बनाती है, जबकि बढ़िया मार्केटिंग ग्राहक को स्मार्ट महसूस कराती है। लेकिन सबसे उत्कृष्ट मार्केटिंग, मार्केटिंग जैसी नहीं लगती”, उन्होंने कहा।

प्रो. अभिषेक मिश्रा, फैकल्टी, आईआईएम इंदौर की उपस्थिति में समापन समारोह हुआ। उन्होंने सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए उत्साह टीम को बधाई दी और प्रतिभागियों को भावुक, दयालु और संवेदनशील बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, ‘आप जो भी काम करते हैं और जो भी निर्णय लेते हैं, उसमें अपना शत-प्रतिशत दें, क्योंकि उत्कृष्टता ही मायने रखती है’।

उत्साह ’22 प्रतिभागियों, उपस्थित लोगों और आयोजकों के लिए समान रूप से सीखने, नेटवर्क करने और आनंद का अवसर रहा। “हम सभी को उनकी उत्साही भागीदारी और जिज्ञासा के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। यह फेस्ट शामिल सभी के सहक्रियात्मक प्रयास के बिना नहीं हो सकता था। हम जल्द ही और अधिक उत्साह और ज्ञान के साथ नए उत्साह से साथ वापस आएंगे ”, फेस्ट कोऑर्डिनेटर आदित्य और वंशिका ने कहा। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।