ओह माय गॉड इस परिवार में 4 बच्चे और चारों ही IAS और IPS | IAS IPS Grand Success Story of 4 Siblings

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IAS AND IPS

सभी माता-पिता का यही सपना होता है कि उनके बच्चे उनका नाम रोशन करे। ऐसा ही एक सपना उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले अनिल मिश्रा का था। वह हमेशा से चाहते थे कि उनके चारों बच्चें कामयाब बने। अनिल के चारों बच्चों ने किया भी कुछ ऐसा ही, वे चारों आज आईएएस और आईपीएस है।

अनिल मिश्रा के चार बच्चें है- जिनमें सबसें बड़े योगेश है उनसे छोटी बहन क्षमा मिश्रा है फिर नंबर तीन पर माधवी है और सबसे छोटे है लोकेश । आज हम आपको बताएगे कि कैसे इन चारों ने अपने जीवन में यह मुकाम हासिल किया।

बड़े भाई योगेश जो कि वर्तमान में आईएएस है वह कोलकाता में राष्ट्रीय तोप एवं गोला निर्माण में प्रशासनिक अधिकारी हैं। योगेश इससे पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे उस समय उनकी दोनों बहन दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही उनका रिजल्ट आया था जिसमे वे फेल हो गई थी।

योगेश ने बताया कि जब मैं उनसे रक्षाबंधन के दिन मिला तो मैंने उन्हें समझाया और उनका हौसला बढ़ाया। उसी दिन मैंने तय किया कि अपने भाई बहनों की प्रेरणा बनने के लिए पहले मैं खुद आईएएस बनकर दिखाऊंगा। जिसके बाद मैंने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और एक ही बार में परीक्षा क्लीयर कर कर मंै आईएएस बन गया।

योगेश ने आईएएस बनने के बाद अपने छोटे भाई और बहनों का मार्गदर्शन किया और आज तीनों भाई बहन भी आईएएस और आईपीएस है। क्षमा आईपीएस है और वह कर्नाटका में पोस्टेड है। माधवी और लोकेश दोनों ही आईएएस है। माधवी केंद्र के विशेष प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात है वहीं लोकेश बिहार के चंपारण जिले में ट्रेनिंग पर है।

क्षमा बताती है कि उनके घर में मात्र दो कमरे थे और ऐसे में अगर कोई मेहमान आ जाए तो उन्हें पढ़ने में ज्यादा मुश्किले होती थी। बचपन से ही चारों भाई बहनों में एकता और एक दूसरे के प्रति प्रेम था। बचपन में भी यदि कभी किसी के बीच लड़ाई या नोकझोंक हो जाती तो उनमें से कोई एक इस नोकझोंक को प्यार में बदलने की जिम्मेदारी उठाता था। सभी को एक जगह इकट्ठा कर उनमें समझौता कराता था।

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