Employee Salary Payment 2023: सरकार की ओर से ऐसा कहा गया है कि कर्मचारियों को चिंतित होने की जरुरत नहीं है, सभी सरकारी कर्मचारियों को पहले की भांति महीने की पहली तिथि को ही तनख़्वाह मिलती रहेगी। हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ी ही ख़ुशी की खबर है। जहां एक ओर राज्य में एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की कार्यविधि जारी है, वही दूसरी ओर राज्य के सरकारी कर्मचारियों की तनख़्वाह को लेकर नवनिर्वाचित सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) का बड़ा स्टेटमेंट सामने आया है। सीएम ने कहा है कि कर्मचारियों को उनकी तनख़्वाह हमेशा की तरह पहली दिनांक को ही दे दी जाएगी।

असल में पहले खबर आई थी कि इस बार कई राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी दिसंबर महीने की पगार समय से पहले जारी कर दिया गया था. जिसके बाद खबर आई कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बाद और फाइनेंसियल अवस्था को ध्यान देखते हुए अब वित्त विभाग ने सैलरी की अलग-अलग तारीखें तय की हैं। फाइनेंसियल डिपार्टमेंट ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रस्तुतीकरण देकर बताया है कि राज्य की फाइनेंसियल अवस्था ठीक नहीं है।

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राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की तिथियों में सैलरी की तैयारी के ख़बरों का खंडन किया है। विभिन्न प्रकार की दिनांकों में तनख़्वाह देने संबंधी कोई भी फैसला नहीं लिया गया है और यह ख़बर पूरी तरह से भटकाने वाली एवं अवास्तविक है।फ्रेश अपडेट ये है कि पहले की भांति सरकारी कर्मचारियों को अभी भी एक तारीख को ही तनख़्वाह मिलेगी।

सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों को भयभीत होने की जरुरत नहीं है, सभी सरकारी कर्मचारियों को पहले की भांतिहर महीने की पहली तारीख को ही तनख़्वाह मिलती रहेगी। आपको बता दे कि 6th pay कमीशन आयोग की सिफारिशें मानने के बाद सरकार को प्रत्येक माह पगार देने के लिए 1 हजार 450 करोड़ की आवश्यकता है, इससे पहले यह खर्च करीब एक हजार करोड़ रुपए तक था।