सियासी पिच पर गंभीर हुए गौतम

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gautam gambhir

भारतीय क्रिकेट टी को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी का झंडा थामे गौतम गंभीर सियासी पिच पर नई पारी की शुरुआत कर चुके हैं। वे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पूर्वी सीट से उम्मीदवार हैं और चुनाव अभियान की भी शुरुआत कर चुके हैं। इस पारी में वै कितने सफल होंगे इसकी कोई भविष्यवाणी फिलवक्त ठीक नहीं। इतना ही कहा जा सकता है कि सियासत की पिच अनेक क्रिकेटरों को खूब फली औऱ कुछ को छोड़ना भी पड़ी।

इन दिनों सियासत में सक्रिय क्रिकेट जगत के सितारों में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में पहुंचे कीर्ति आजाद और नवजोतसिंह सिद्धु, तमाम हार जीत के बाद भी भाजपा में ही डटे कुंवर चेतेंद्रसिंह चौहान यानी चेतन चौहान और कांग्रेसके पूर्व सांसद व तेलंगाना कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजहरूद्दीन प्रमुख है। इसके अलावा नवाब मंसूर अली खान पटौदी यानी टाइगर पटौदी ने 1971 में गुड़गांव और 1991 में भोपाल लोकसभा सीट से संसद में जाने का असफल प्रयास किया। दिलचस्प तथ्य तो यह है कि 1971 में उनके सामने लाला अमरनाथ ने भी चुनावी नामांकन पत्र दाखिल किया था, लेकिन बाद में उसे कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में वापस ले लिया। तब पटौदी चुनाव लड़कर राजाओं की प्रिविपर्स समाप्ति का विरोध करना चाह रहे थे।

मनोज प्रभाकर ने भी 1996 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ा। चेनत शर्मा भी फरीदाबाद (हरियाणा) सीट से लोकसभा में जाने में नाकाम रहे। मोहम्मद कैफ ने भी 2014 में उत्तरप्रदेश की फूलपुर सीट से किस्मत आजमाई। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में उलझे श्रीसंत ने भाजपा का दामन थाम 2016 में केरल विधानसभा का सदस्य बनना चाहा, लेकिन तिरुअनंतपुरम की जनता ने उन्हें नकार दिया। इससे पहले विनोद कांबली भी विक्रोली विधानसभा सीट लड़कर महाराष्ट्र विधानसभा में जाने का विफल प्रयास कर चुके थे।

बहरहाल, बतौर क्रिकेटर अनेक कीर्तिमान अपने नाम कर चुके गौतम गंभीर 2011 की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य भी हैं। सियासत के मैदान में कितना आगे बढ़ेंगे इस पर क्रिकेट प्रशंसकों के साथ भाजपा की भी निगाहें हैं। दिल्ली में लोकसभा का चुनाव आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए जन हितैषी कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि के बीच है। ऐसे में कांग्रेस किसके वोट काटती है यह जानना भी दिलचस्प होगा। यहां गंभीर के मुकाबले कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी की आतिशी मारलेना मैदान में हैं।