विशेष संयोग में आ रही गणेश चतुर्थी, इस मुहूर्त में पूजा करने से दूर होंगे सारे कष्ट

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ganesh

गणेश चतुर्थी का इंतजार तो हर किसी को रहता है फिर वो छोटे बच्चे हो या घर के बड़े, हर किसी को गणेश उत्सव में गणपति बप्पा के आर्शीवाद का इंतजार रहता ही हैं। वैसे तो हर साल तीज व्रत के दूसरे दिन भगवान श्रीगणेश की स्थापना की जाती है, लेकिन इस बार ग्रहों, नक्षत्रों व मुहूर्त का योग ऐसा बना है कि तीज के दिन ही भगवान श्रीगणेश की स्थापना करना शुभ होगा। इससे सभी कष्ट दूर होंगे और तीज व्रत से स्त्रियों को सौभाग्य मिलेगा।

इस विशेष संयोग को कष्ट निवारण योग के रूप में भी देखा जा सकता है। इस साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष में भगवान शिव परिवार की उपासना के तीन विशेष संयोग बन रहे हैं। अनुभवी ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कई सालों बाद हरितालिका तीज व्रत पर 2 सितंबर को ही सिद्धि विनायक गणेश चतुर्थी है।

हरितालिका तीज के दिन महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की उपासना कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इसी व्रत अनुष्ठान के दौरान सर्व कामनाओं की पूर्ति करने वाले सर्वप्रथम पूज्य गणेश की स्थापना होगी। सोमवार को पड़ रहा तीज व्रत हस्त नक्षत्र युक्त है। जो कि शुभ माना जाता है।

शुभ मुहूर्त

2 सितंबर को गणेश चतुर्थी को गणेश जी की स्थापना की जाएगी जिसके बाद अनंत चतुर्दशी 12 सितंबर को आस्था के साथ प्रतिमा विसर्जन होगा। मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6ः10 से 7ः44 तक और दोपहर 12ः01 से 12ः55 तक हैं।

ऐसी मुर्ति रखें

गणेश जी की बाईं तरफ की सूंड की प्रतिमा लेना ही शास्त्र सम्मत माना गया है। जबकि दाईं तरफ की सूंड की प्रतिमा में नियम-कायदों का पालन करना होता है। प्रतिमा हमेशा बैठी हुई मुद्रा में ही लेनी चाहिए। क्योंकि खड़े हुए गणेश को चलायमान माना जाता है।

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