इंदौर के सायलेन्ट सिटी ऑफ इंडिया बनाने के प्रयास शुरू, प्रशासन कर रहा खास तैयारी

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इंदौर शहर को सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने में शहर के रहवासियों द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। पूर्व में भी नागरिक सहभागिता आधारित प्रयासों पर इंदौर कई उदाहरण पेश कर चुका है। इसी क्रम में इंदौर के सायलेन्ट सिटी ऑफ इंडिया बनाने के प्रयास आरंभ किये जा चुके हैं। इस परिपेक्ष्य में जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागृह में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त आशीषसिंह, उपायुक्त संदीप सोनी, परिवहन अधिकारी जितेंद्र सिंह रघुवंशी, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण इंदौर से रीजनल अधिकारी श्री आर.के. गुप्ता, स्वंय सेवी संस्था सीईपीआरडी (सेंटर फार एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट) के प्रतिनिधि मौजूद थे।

कलेक्टर जाटव ने बताया कि इंदौर में 39 ऐसे क्षेत्र चिन्हित किये गये हैं जिन्हें शांत परिक्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेंत्रो में प्रेशर हॉर्न, लाउड स्पीकर या ऐसे साधनों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा जिनके द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि उत्पन्न होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम 2010 के अनुसार शहर के 39 स्थानों के आसपास न्यूनतम 100 मीटर तक के क्षेत्र को इस नियम के प्रयोजन के लिये शांत परिक्षेत्र घोषित किया गया है।

इन क्षेत्रों में विभिन्न अस्पतालों एमवाय, जिला अस्पताल, सीएचएल अपोलो, भंडारी, अरविंदो, मानसिक चिकित्सालय बाणगंगा, चोइथराम, गोकुलदास, चाचा नेहरू एवं डेन्टल अस्पताल, बाम्बे अस्पताल, सिनर्जी अस्पताल, नोबल अस्पताल, पीसी सेठी, लाल अस्पताल, सेंट फ्रांसिसी, राजश्री अपोलो, मेदान्ता, शैल्बी, अरिहन्त, यूनिक, सुयश, कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल, गुजराती गर्ल्स कॉलेज, देवी अहिल्या विद्यालय आरएनटी मार्ग, शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय भंवरकुआं, सिक्का स्कूल, प्रेस्टीज कॉलेज, होल्कर साइंस कॉलेज, गोविंद राम सेकसरिया इंजीनियरिंग, जीजा माता गर्ल्स कॉलेज, न्या गर्ल्स डिग्री कॉलेज, क्रिश्चियन कॉलेज, सत्य सांई स्कूल, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय, नसिया क्षेत्र (मिशन अस्पताल से क्रिश्चयन कॉलेज सहित गुजराती कॉलेज एवं विद्यालय का मार्ग) सिरपुर तालाब क्षेत्र, गिटार चौराहा से साकेत चौराहे तक का मार्ग, पलासिया चौराहे से रीगल चौराहे तक का मार्ग, खंडवा रोड भंवरकुआ से आईटी पार्क चौराहे तक के क्षेत्र शामिल है।

जिलाधीश ने इस बात पर खास जोर दिया कि जिस प्रकार इंदौर का स्वच्छ शहर बनना इंदौर वासियों की लगातार सहभागिता से सुनिश्चित हो सका है, उसी प्रकार इंदौर को सायलेन्ट सिटी ऑफ इंडिया बनाना भी इंदौर वासियों के जोश और सहयोग से ही संभव है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक इंकाईयो, विद्यालयों, कॉलेजों, ट्रांसपोर्ट एशोशियशन को इस अभियान के लिये जागरूकता दी जानी आवश्यक है।

सामाजिक संगठनों, मैरिज गार्डन के प्रबंधकों से विशेष अपील करते हुये कहा कि वे इस मुहिम में हिस्सा ले तथा शादी समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों बजने वाले डीजे तथा तेज संगीत को जहा तक हो सकें कम अथवा बंद करने का प्रयास करें।

उक्त संबंध में सीईपीआरडी (सेंटर फार एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट) अप्रैल माह में दो दिवसीय जागरूकता सेमीनार आयोजित करेगा जिसमें ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से जुडे मुद्दो पर चर्चा कर जनता को जागरुक किया जायेगा।

सायनेज, स्टीकर प्रतियोगिता और जागरूकता सेमीनार होंगे आयोजित

इंदौर वासियों को लगातार इस मुहिम से जोड़े रखने एंव उनको ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिये ध्वनि प्रदूषण संबंधित विषय पर स्टीकर, साइनेज, साउण्ड एण्ड ट्रेफिक विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। जिनमें बतौर नाम ट्राफी एवं सम्मान राशि प्रदान की जायेगी। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य जन सामान्य को मुहिम से जोडे़ रखना एवं उन्हें इसके प्रति संवेदनशील बनाना है।

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