खरगोन दंगे को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, कही यह बात

मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह सब देखने के बाद भी प्रधानमंत्री चुप हैं. जिससे कहा जा सकता है कि यह सब कुछ निश्चित तौर पर प्रायोजित है और भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में कुछ ऐसे मुस्लिम संगठन है जो हर तरह से उनका साथ देते हैं. वही उनके खिलाफ हुए मामले पर उन्होंने कहा कि यदि मुझे गिरफ्तार करना है तो कर लीजिए.

Digvijay Singh
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इंदौर: पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आज इंदौर में खरगोन दंगे को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि खरगोन दंगा पूरी तरीके से प्रायोजित है देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने आप को साधु कहते हैं लेकिन खुलेआम दुष्कर्म और दंगा भड़काने की बातें कर रहे हैं उन पर मुकदमा तो दर्ज नहीं किया जाता लेकिन दंगे फसाद देखे जा रहे हैं. बातों ही बातों में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा.

मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह सब देखने के बाद भी प्रधानमंत्री चुप हैं. जिससे कहा जा सकता है कि यह सब कुछ निश्चित तौर पर प्रायोजित है और भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में कुछ ऐसे मुस्लिम संगठन है जो हर तरह से उनका साथ देते हैं. वही उनके खिलाफ हुए मामले पर उन्होंने कहा कि यदि मुझे गिरफ्तार करना है तो कर लीजिए.

खरगोन दंगे के बाद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्या खरगोन प्रशासन ने लाठी तलवारों के साथ जुलूस निकालने की इजाजत दी थी? जिन्होंने पत्थर से के चाहे वह किसी भी धर्म के हो क्या सबके घरों पर बुलडोजर चलेगा? आगे उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवराज आप यह मत भूलिए कि आपने निष्पक्ष होकर सरकार चलाने की शपथ ली है और संविधान में हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया गया है, धर्म देखकर कार्यवाही करना असंवैधानिक है.

आगे दिग्विजय ने कहा कि क्या भारत के किसी भी कानून या नियम में बुलडोजर संस्कृति का प्रावधान दिया हुआ है अगर आप को गैरकानूनी तरीके से बुलडोजर चलाना ही है तो कम से कम धर्म के आधार पर पक्षपात ना करें.

दिग्विजय सिंह ने और भी कई सारे सवाल किए हैं. उन्होंने कहा कि क्या विदेश में प्रश्न पूछना भी गुनाह है?

विपक्ष के नेता के रूप में क्या हम अपने देश और प्रदेश की जनता के वर्ग के खिलाफ बन रहे माहौल पर सवाल नहीं कर सकते?

बगैर नोटिस और बिना जांच परख के बुलडोजर हमला कितना न्यायसंगत है?

क्या लोकतंत्र अब एकतरफा राजनीतिक विचार से चलेगा?

इन सवालों के साथ दिग्विजय सिंह ने शासन और प्रशासन से यह सवाल किया कि देशभर में जो हो रहा है वो शिखर पर बैठे लोगों को नजर क्यों नहीं आ रहा? जो लोग महिलाओं के साथ कुकृत्य कर रहे हैं, उन्हें उत्पीड़न का शिकार बना रहे हैं उनके खिलाफ FIR या बुलडोजर की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही.

अपने इन तमाम सवालों के साथ दिग्विजय सिंह ने यह कहा कि मैं नफरत फैलाने वाली विचारधारा के सख्त खिलाफ हूं और मैं हमेशा लड़ता रहूंगा.