मप्र की स्टार्टअप पॉलिसी के अधिकतम उपयोग के लिए डिक्की ने तैयार किया एक्शन प्लान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लांच की गई मप्र की नई स्टार्टअप पॉलिसी में अनेक ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मददगार साबित होंगे। स्टार्टअप नीति में शासकीय निविदाओं में अनुभव, ईएमडी, और टर्नओवर में दी गई रियायत एक बड़ा फैसला है।

इंदौर। मध्यप्रदेश में बने स्टार्टअप इकोसिस्टम में ट्राइबल और एससी यूथ को स्टार्टअप के लिए प्रेरित करने के लिए डिक्की प्रदेश भर में आइडिया जनरेशन वर्कशॉप आयोजित करेगा। इन वर्कशॉप्स में युवाओं के बीच सामाजिक समस्याओं, ग्रामीण-शहरी आवश्यकताओं पर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। देश के जाने-माने एक्सपर्ट, मेंटोर और सफल स्टार्टअप्स के साथ उनका संवाद कराया जाएगा। डिक्की ने इस साल प्रदेश भर में 50 स्टार्टअप को चिन्हित कर उनकी हैंडहोल्डिंग करने का लक्ष्य रखा है। इंदौर में हुई स्टार्टअप कॉन्क्लेव में डिक्की सहयोगी के रूप में जुड़ा था। डिक्की के माध्यम से इंदौर और उज्जैन संभाग से डिक्की के 550 से ज्यादा उद्यमियों और युवाआें ने इस कॉन्क्लेव में भाग लिया था। 6 सदस्यों ने यहां अपने स्टार्टअप स्टॉल में प्रदर्शित किए।

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डिक्की मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैयां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लांच की गई मप्र की नई स्टार्टअप पॉलिसी में अनेक ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मददगार साबित होंगे। स्टार्टअप नीति में शासकीय निविदाओं में अनुभव, ईएमडी, और टर्नओवर में दी गई रियायत एक बड़ा फैसला है। एससी-एसटी के युवा और उद्यमी लंबे समय से इस तरह रियायत की सरकार से मांग कर रहे थे ताकि नए उद्यमी इन क्षेत्रों में आ सकें।

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हैंडहोल्डिंग का मैकेनिज्म तैयार

डिक्की के उपाध्यक्ष और इंदौर के युवा उद्यमी नरेश मुंदरे ने बताया कि प्रदेश में बने स्टार्टअप इकोसिस्टम में ट्राइबल और एससी युवा भी अपने इनोवेटिव आइडिया को बिजनेस में बदल सकें, इसके लिए उनकी हैंडहोल्डिंग जरूरी है। डिक्की ने इसके एक मैकेनिज्म तैयार किया है। युवाओं को देश के बड़े और अच्छे इन्क्यूबेशन सेंटर और निवेशकों के साथ उन्हें जोड़ा जाएगा। डिक्की के नेक्स्ट जेन वर्टीकल ने देश के प्रतिष्ठित इन्क्यूबेशन सेंटर्स और स्टार्टअप क्लिनिक के साथ के साथ इसके लिए साझेदारियां की है।

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आई-लीग पर फोकस

अध्यक्ष डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर का लक्ष्य अगले साल होने जा रही डॉ. अंबेडकर यंग आंत्रप्रेन्योरशिप लीग (आई-लीग) पर है। इस लीग की शुरूआत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने इसी साल से की है। अब यह लीग प्रतिवर्ष आयोजित होगी। इस लीग में स्टार्टअप को 30 लाख रूपए की फंडिग के लिए एससी युवाओं और उद्यमियों से टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेटिव आईडिया लिए जाते हैं। चयनित आईडियाज को चिन्हित आईआईटी और आईआईएम के साथ इन्क्यूबेशन के लिए जोड़ा जाता है। इस लीग में इस साल मध्यप्रदेश से डिक्की के सदस्य नीतेश कटारे के स्टार्टअप आइडिया को 30 लाख की फंडिग के लिए चुना गया है।

Source- PR