मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के कई इलाकों में तेज़ वर्षा (rainfall) का सिलसिला अब शुरू हो गया गया है. मावठा वाली वर्षा की वजह से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं. अब उन्हें सिंचाई की चिंता नहीं परेशान कर रही हैं.(rabi farmers irrigation problem solved) है. हालांकि कुछ इलाकों में मौसम विभाग ने झमाझम वर्षा का अलर्ट भी (Mausam Samachar) जारी किया है.

सर्दी और कोहरा कम होने के बाद अब मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में बारिश का दौर शुरू हो गया है. अधिकतर जिलों में टेम्परेचर में भारी वृद्धि होने लगी है. रबी की फसल वाले किसानों के चेहरे खिल गए हैं. ये बारिश वहीँ इसी के साथ किसी अमृत बारिश से कम नहीं है. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज वर्षा भी हो सकती है. जिससे कुछ समस्याएं भी बढ़ सकती है. जानिए मौसम विभाग (Mausam Samachar) का पूर्वानुमान क्या कहता है.

मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के कई इलाकों में तेज़ वर्षा (rainfall) का सिलसिला अब शुरू हो गया गया है. मावठा वाली वर्षा की वजह से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं. अब उन्हें सिंचाई की चिंता नहीं परेशान कर रही हैं.(rabi farmers irrigation problem solved) है. हालांकि कुछ इलाकों में मौसम विभाग ने झमाझम वर्षा का अलर्ट भी (Mausam Samachar) जारी किया है.

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सर्दी और कोहरा कम होने के बाद अब मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में बारिश का दौर शुरू हो गया है. अधिकतर जिलों में टेम्परेचर में भारी वृद्धि होने लगी है. रबी की फसल वाले किसानों के चेहरे खिल गए हैं. ये बारिश वहीँ इसी के साथ किसी अमृत बारिश से कम नहीं है. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज वर्षा भी हो सकती है. जिससे कुछ समस्याएं भी बढ़ सकती है. जानिए मौसम विभाग (Mausam Samachar) का पूर्वानुमान क्या कहता है.

राजधानी भोपाल में आंधी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार 25 जनवरी को भीषण आंधी के साथ वर्षा हुई. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरे तो खिल गए. लेकिन, शहरी इलाकों के लोगो को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. शहर के कुछ इलाकों में पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए. वहीं कुछ हिस्सो में बिजली की परेशानी का सामना करना पड़ा. हालाकि, उन्हें वक्त रहते सुधार लिया गया.

किसानों के खिले चेहरे

इन दिनों रबी की फसल आखिरी सिंचाई मांग रही है. ऊपर से बिजली कर्मचारियों की हड़ताल. ऐसे में किसानों को उचित जल की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी. किसान इंद्र देव की ओर मुंह ताक रहे थे. उनके लिए ये बारिश किसी अमृत वर्षा से कम नहीं हैं. कुल मिलाकर किसान के लिए ये बारिश किसी अमृत वर्षा से कम नहीं है.

यहां तेज वर्षा का अलर्ट

बीते दिन वर्षा होने के बाद भोपाल, ग्वालियर-चंबल, रीवा संभाग के जिलो के साथ शहडोल, इंदौर सहित कई जिलो में तेज़ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में किसानों और लोकल लोगों को अपनी पूरी तैयारी कर लेने चाहिए.

बिजली गिरने की आशंका

परिवर्तित वेदर के रुख की वजह से प्रदेश में वर्षा के आसार बन रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत सहित मध्य भारत में देखने को मिल रहे हैं. मध्यप्रदेश में भी कई इलाकों में पिछले 2-3 दिन से वर्षा हो रही है. अब आगे के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश, बूंदाबांदी और बिजली गिरने की आशंका जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गर्जना के साथ बिजली गिर सकती है.

क्यों हो रहा है मौसम में बदलाव

पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के इलाकों में स्थित है. अब ये धीमे- धीमे पूर्व की ओर आगे बढ़ रहा है. इन दिनों अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर-पश्चिम भारत तक उच्च नमी आ रही है. इसके बाद 27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. इसके असर से मध्य भारत के इलाकों में वर्षा हो सकती है.