नागरिकता संशोधन बिल : राज्यसभा में मोदी सरकार का खेल बिगाड़ सकती है शिवसेना

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Sanjay Raut

नई दिल्ली। लोकसभा में करीब आठ घंटे तक चली लंबे बहस के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने 9 दिसंबर को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पास करवा लिया है। हालांकि बहस के दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने बिल का जमकर विरोध किया है। कांग्रेस ने इसे संविधान का काला दिन बताया, तो ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए बिल की कॉपी को सदन में फाड़ दिया। हालांकि महाराष्ट्र में गठबंधन तोड़ने के बाद भी शिवसेना ने बिल पर मोदी सरकार का साथ दिया। वहीं बिल पास होेने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नेहरू-लियाकत समझौते की गलती को मोदी सरकार ने सुधारने का काम किया है। अब यह बिल 11 दिसंबर को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। जहां मोदी सरकार की अग्निपरीक्षाा होगी।

बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना ने यूटर्न ले लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि लोकसभा में बिल का समर्थन करने के बावजूद भी राज्यसभा में सिटिजन अमेंडमेंट बिल पर हम अलग विचार कर सकते हैं। राज्यसभा में शिवसेना के तीन सदस्य हैं, अगर शिवसेना बिल के खिलाफ वोट करती है तो राज्यसभा में मोदी सरकार का गणित गड़बड़ा जाएगा। वर्तमान में मोदी सरकार के सपोर्ट में 119 सदस्य हैं, जबकि विपक्ष में 100 सदस्य हैं। शिवसेना को जोड़ ले तो यह आंकड़ा 103 हो जाता है। 19 राज्यसभा सदस्यों का रुख साफ नहीं है। ऐसे में मोदी सरकार राज्यसभा सदस्यों को अपने पक्ष में करने में जुटी है।

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