हर साल यहां सड़क हादसे में ना जाने कितने ही लोगों की मौत हो जाती है. जिसमें बड़ी तादाद में ड्रिंक एंड ड्राइव वाले लोगों संख्या हैं .क्या हो अगर कोई व्यक्ति नशे में हो उसकी बाइक ही चालु ना हो. ऐसा ही एक चौकाने वाला हेलमेट रांची के चार बच्चों ने तैयार किया है. वैसे अभी इसका प्रोटोटाइप विकसित किया गया है. आइए जानते हैं इसकी पूरी जानकारी.

ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले हमेशा देखने और सुनने को मिलते ही रहते हैं. जिसमे कई लोग अपनी जान से भी हाथ धो बैठते हैं,इस तरह के कई हादसों में बड़ी संख्या में शराब पी कर तेज़ी से वाहन चलाने वाले लोग भी शामिल हैं. वही रांची के स्कूल में चार बच्चों ने एक ऐसा ही हेलमेट तैयार किया है, जो इस प्रकार की घटना पर रोकथाम लगा सकता है. इसके लिए बच्चों ने हेलमेट में एक खास चिप लगाई है। इस चिप के कारण शराब पीकर बाइक चलाने वालों पर निगरानी रखी जाएगी.

रांची के सेंट जेवियर स्कूल के 4 बच्चों ने इस प्रोटोटाइप को तैयार किया है. छात्रों ने सेंसर वाला एक हेलमेट का प्रोटोटाइप बनाया है. अगर प्रोटोटाइप को असल जिंदगी में विकसित कर लिया गया, तो ड्रिंक एंड ड्राइव पर जैसी घटना पर रोक लगेगी. और इस मामले में कई जान भी नाच सकेगी। हेलमेट में एक ऐसी चिप लगी है, जो बाइक राइडर के नशे में होने पर एक चेतावनी भेजेगी जिससे उस पर पूरी निगरानी रखी जा सकेगी।

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हेलमेट कैसे करेगा अलर्ट?

हेलमेट के सेंसर द्धारा भेजें अलर्ट के कारण से बाइक चालु ही नहीं होगी. वही स्कूल के छात्र आगे चलकर एक और चिप विकसित करना चाहते हैं, जिसकी वजह से हेलमेट ना होने या फिर अच्छे से ना पहनने पर बाइक स्टार्ट ना हो. ड्रिंक एंड ड्राइव से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सेंट जेवियर स्कूल के 6वीं क्लास के चार बच्चों ने चिप वाले इस खास सेंसर हेलमेट को परिपक्व रूप से तैयार किया है. जो न केवल बाइक स्टार्ट होने से रोकेगी बल्कि हेलमेट में लगी चिप शराब के स्मेल को भी डिटेक्ट करती हैं.वही सेंट जेवियर स्कूल के बच्चे अविराज सिंह, वत्सल सरावगी, पार्थ और आरव पोद्दार ने इस सेंसर वाले हेलमेट को विकसित किया है.

सड़क दुर्घटना में हज़ारों लोगों की जाती हैं जान

सेंट जेवियर स्कूल के वाइस प्राचार्य और टीचर ने बताया कि इस आश्चर्यजनक हेलमेट का प्लान बच्चों ने विकसित किया. इन्होंने सिर्फ उन्हें मार्गदर्शन दिया हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे गुणवान होते हैं. उन्हें सिर्फ दिशा देने की आवशयकता होती है. हालही समय में बच्चों के प्रेक्टिकल अप्रोच पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ट्रैफिक नियमों की सुरक्षा पर काम के लिए चर्चित ऋषभ आनंद ने बताया कि झारखंड में हर साल सड़क दुर्घटना में करीब 3,500 लोगों की जान जाती है. इसमें सबसे ज्यादा मौत ओवर स्पीड की वजह से होती है. उन्होंने कहा कि बच्चों ने ड्रिंक एंड ड्राइव और बिना हेलमेट बाइक स्टार्ट ना होने का शानदार तरीका ढूंढा है. जब ये सिस्टम पूरी तरह से डेवलप हो जाएगा तो वह हेलमेट निर्माता कंपनियों से इन खूबियों को जोड़ने की पहल जरूर करेंगे.