मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर शिवराज केबिनेट में भारतीय जनता पार्टी फेरबदल कर सकती है। जिस प्रकार गुजरात में चुनाव के पहले पूरी कैबिनेट को बदल दिया था। ठीक उसी तरह एमपी में बदलाव करने की अटकलें लगाई जा रही है।

हालांकि, यह चर्चा कई दिनों से चल रही थी लेकिन बीच में गुजरात चुनाव के कारण मामला टल गया। यह मुद्दा फिर से एक बार गरमाते नजर आ रहा है। लेकिन खर मास (अधिमास) लगने के कारण मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी के बाद परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। अमूमन खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं। इसी वजह से मामला जनवरी तक के लिए टल गया है।

गुजरात मॉडल

एमपी में लंबे समय से सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं। गुजरात में बीजेपी की बंपर जीत के बाद एक बार फिर ‘गुजरात मॉडल’ पर अगले सभी विधानसभा चुनाव लड़ने की बात चल पड़ी है। बीजेपी ने पहले उत्तरांचल और फिर गुजरात में यह प्रयोग करके सफलता प्राप्त की है। अब यही फार्मूला सबसे पहले मध्य प्रदेश में मंत्री मंडल में फेरबदल के दौरान लागू हो सकता है। शिवराज कैबिनेट के कई दागी चेहरों की छुट्टी हो सकती है।

दिल्ली तक जमाई फील्डिंग

सरकार के आखिरी साल के इस मौके को कोई भी दावेदार विधायक छोड़ना नहीं चाहता है। इसीलिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक फील्डिंग जमाई जा रही है। वैसे माना जा रहा है कि इस फेरबदल में संगठन और शिवराज की पसंद वाले विधायक ही कैबिनेट में जगह पाएंगे। शिवराज सिंह चौहान सरकार का तीसरा मंत्रिमंडल विस्तार जनवरी के तीसरे पखवाड़े में हो सकता है। इसमें 10 से 12 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। वर्तमान में मुख्यमंत्री को मिलाकर कैबिनेट में 31 सदस्य हैं जबकि चार पद रिक्त हैं। इन चार पदों के साथ नॉन परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को बदला जा सकता है। हाल ही में हुई दो कोर कमेटियों में इस पर सहमति बन गई है क्योंकि कुछ मंत्रियों की शिकायतें भी कोर कमेटी तक पहुंची हैं।

नए दावेदार कौन होंगे?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एससी से विष्णु खत्री और जतारा से हरीशंकर खटीक का नाम मंत्री मंडल में शामिल होने वाले विधायकों में संभावित है। ब्राह्मण कोटे से अभी नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव मंत्री हैं, नया नाम रीवा से राजेंद्र शुक्ला व शरदेंदु तिवारी, कटनी से संजय सत्येंद्र पाठक और भोपाल से रामेश्वर शर्मा मंत्री मंडल में शामिल हो सकते हैं। ओबीसी से मनोज चौधरी व महेंद्र हार्डिया के साथ एसटी से सुलोचना रावत और जनरल केटेगरी में चेतन कश्यप का नाम संभावित है। मौजूदा कैबिनेट के 6 मंत्रियों पर सत्ता और संगठन दोनों की नजर है। इसमें बुंदेलखंड के दो, मालवा-निमाड़ से एक, ग्वालियर संभाग के एक, मध्यभारत से एक और विंध्य से एक मंत्री शामिल है।