सोशल मीडिया के दुरुपयोग से चिंता में केन्द्र, SC से कहा- जल्द आएगा सख्त नियम

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Suprime Court

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर बनाए गए कानून को और कड़ा करने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि इस बात को महसूस किया गया है कि व्यक्तिगत अधिकारों एवं देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नियमों में संशोधन जरूरी है।

बीते कुछ सालों में सोशल मीडिया के उपयोग में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं कम इंटरनेट टैरिफ, स्मार्ट उपकरणों और लास्ट माइल कनेक्टिविटी की उपलब्धता के चलते भारत में बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट/सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से जुड़ रही है। यदि प्रौद्योगिकी द्वारा आर्थिक विकास और सामाजिक विकास का नेतृत्व किया गया है, तो वहीं इसने हेट स्पीच, फर्जी समाचार, कानून व्यवस्था, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, अपमानजनक पोस्ट और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में तेजी से इजाफा भी देखा गया है।

लोकतांत्रिक राजनीति में अकल्पनीय व्यवधान पैदा करने के लिए इंटरनेट एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरा है। इस बात को महसूस किया गया है कि व्यक्तिगत अधिकारों एवं देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नियमों में संशोधन जरूरी है। ऐसे में केन्द्र सरकार द्वारा नियमों में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

बता दे कि केन्द्र की ओर से ये हलफनामा उन याचिकाओं की सुनवाई में दायर किया गया है जिनमें मांग की गई है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर गलत व आपत्तिजनक पोस्ट करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उसकी तत्काल पहचान करने के लिए कोई गाइडलाइन बनाई जाए। साथ ही आधार से लिंक किया जाए। मद्रास, मध्यप्रदेश और बॉम्बे हाईकोर्ट में सोशल मीडिया, के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं की सुनवाई शीर्ष अदालत में की जाएगी।

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