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ये हैं भाजपा की जीत के सूत्रधार, परदे के पीछे से किया कमाल | BJP Historic Victory under the Leadership of Narendra Modi…

Posted on: 24 May 2019 13:33 by pryadav
ये हैं भाजपा की जीत के सूत्रधार, परदे के पीछे से किया कमाल | BJP Historic Victory under the Leadership of Narendra Modi…

नई दिल्ली।प्रधान मंत्री नरेंद्र के नेतृत्व में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत के महानायक उन्ही को माना जा रहा है । इस सब के बीच कुछ सेना के कुछ सिपाही ऐसे भी हैं जिन्होंने परदे के पीछे से कमाल किया है । ये पूरी टीम भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की निगरानी में काम कर रही थी। इसमें पहला नाम भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का है। पश्चिम बंगाल की पूरी जिम्मेदारी इन्हें ही सौंपी गई थी। रैली, सभा, भाषण, प्रेस कांफ्रेंस हर चीज पर कैलाश का दखल था। हर मामले की रिपोर्ट कैलाश तक पहुंचाई जा रही थी। वो सीधे अमित शाह को रिपोर्ट कर रहे थे। मेहनत रंग लाई है और भाजपा, ममता बैनर्जी के किले में सेंध लगाने में कामयाब रही है।

अनिल बालुनी की रणनीति रंग लाई

दूसरा नाम राज्यसभा सांसद अनिल बालूनी का है। मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी इन्हीं के पास थी। प्रधानमंत्री और दूसरे बड़े नेताओं के भाषणों में टकराव न हो, किसी बात का दोहराव न हो, इस बात का ध्यान बालूनी ही रख रहे थे। प्रवक्ताओं को भी वही इशारा कर रहे थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली से हर मुद्दे पर चर्चा करने के बाद ही चीजें जमीन पर लाई जा रही थीं। मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इसी तरह का किरदार निभाया है। राजस्थान में जाति गणित बैठाने और वसुंधरा सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने का जिम्मा जावड़ेकर का ही था। उन्होंने राजस्थान में कमाल किया है और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ है।

बंसल ने साधा जातीय गणित

यूपी में संघ के करीबी माने जाने वाले सुनील बंसल ने भी दम दिखाया है। सपा-बसपा गठबंधन के खिलाफ कौन से मुद्दे काम करेंगे और जाति गणित को साधने में भी उन्होंने अहम किरदार निभाया है। अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। 2014 के चुनाव में भी उन्होंने खूब काम किया था। छत्तीसगढ़ में यही मेहनत अनिल जैन ने की है। पार्टी के बिखराव को समेट कर उसे वोटों में बदला है। यहां भी भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। परदे के पीछे वाली इस पूरी टीम को जल्द ही मेहनत का इनाम मिल सकता है। कुछ चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं, तो कुछ को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

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