मध्य प्रदेश में सोमवार को यात्रा का छठा दिन था। रात को राहुल गांधी व अन्य नेता चिमनबाग के म्यूजिक शो में थे, लेकिन सोमवार सुबह वे पांच बजे उठ गए और ठीक छह बजे यात्रा शुरू हो गई। चिमनबाग मैदान से राहुल कार से बैठकर बड़ा गणपति पहुंचे। यहां से यात्रा शुरुआत हुई। स्थानीय नेता व पार्षद पहले से ही राहुल के इंतजार में खड़े थे। तिरंगे झंडे यहां लहरा रहे थे। राहुल के पहुंचते ही यात्रा शुरू हो गई। राहुल ने यात्रा के दौरान सायकल भी चलाई। बाणगंगा में एक मंच पर बच्चे मलखंब कर रहे थे। कुछ देर राहुल मंंच पर रुके और बच्चों के सिर पर हाथ फेर आगे बढ़ गए। यात्रा के दौरान कुछ युवकों के समुह ने मोदी के नारे लगाए। राहुल ने उन्हें पास बुलाने का इशारा किया तो वे भाग गए।

राहुल गांधी ने इंदौर के पास ग्राम बरौली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मैं आंकड़ों में भरोसा नहीं रखता। कन्याकुमारी से मध्य प्रदेश तक जनता की शक्ति यात्रा को मिली है। शुरू में लोगों ने कहा था केरल में सफल होगी, लेकिन बाद में दिक्कत होगी। कर्नाटक में आए तो कहा साऊथ में सफल होगी लेकिन बाद में दिक्कत होगी, फिर महाराष्ट्र और अब मध्य प्रदेश में भी सफल यात्रा हुई है। उन्होंने कहा कि अब यह सिर्फ कांग्रेस की यात्रा नहीं रहीं, सभी इसमें जुड़ गए हैं। इडब्ल्यूएस आरक्षण के खिलाफ कांग्रेस की है नेता द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करने के सवाल को टाल गए, बोले राजनीतिक बातें नहीं करूंगा।

इडब्ल्यूएस आरक्षण सवाल टाल गए राहुल

राहुल गांधी ने कहा कि यह यात्रा नफरत को खत्म करने की यात्रा है। बेरोजगारी के खिलाफ, महंगाई के खिलाफ है। मैं राजनितिक मुद्दे मैं उठाना नहीं चाहता। राहुल गांधी ने कहा मुझे लगा देश में जो नफरत व हिंसा फैलाई जा रही है वह खतरनाक है, मेरी जिम्मेदारी हैं मैं इसके खिलाफ कुछ करुं। यही भावना बहुत से लोगों में है, भाजपा के लोगों में भी यही भावना है। बहुत सारे लोग हैं, मैं फायदे का सोच के नहीं किया, मैं यात्रा पूरी करूंगा।

जो पैसे देकर खरीदे गए उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए

कांग्रेस सरकार गिराने वालों की वापसी के सवाल पर बोले यह आप अध्यक्ष से पूछे। मेरा मानना है की यदि वे पैसे से खरीदे गए हैं तो उनपर भरोसा नहीं करना चाहिए। भारत ने अपने सबसे बुरे वक्त में भी इतना डर का माहौल नहीं देखा, हमारी सांस्कृतिक विविधता, भाईचारा है सबसे बड़ी मजबूती रही है। इस यात्रा का लक्ष्य राजनीतिक नहीं है।

इंदौर और एमपी जैसा प्यार कहीं नहीं मिला

उन्होंने कहा कि हम लोगों को हमारा इतिहास याद दिला रहे हैं। जिस रास्ते पर अभी भारत है इससे देश को बड़ा नुकसान होने वाला है। देश में भी और विदेश में भी। मैं चुनाव, राजनीति की बात नहीं कर रहा न सोच रहा, यह मेरी तपस्या है। मैं केरल से निकला तो दिमाग में था कि इतना प्यार कहीं नहीं मिलेगा। फिर महाराष्ट्र में उससे ज्यादा मिला और अब लगता है की जितना प्यार इंदौर और मध्य प्रदेश में मिला वैसा कहीं नहीं मिला।