B’day Special : गुलज़ार कभी मैकेनिक का काम करते थे, फिर इस वजह से रखा बॉलीवुड में कदम

बॉलीवुड इंड्रस्ट्री के जाने माने डायरेक्‍टर, लेखक और गीतकार, नाटककार गुलजार साहब 18 अगस्त यानी आज अपना 84वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

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बॉलीवुड इंड्रस्ट्री के जाने माने डायरेक्‍टर, लेखक और गीतकार, नाटककार गुलजार साहब 18 अगस्त यानी आज अपना 84वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। गुलजार ने 1963 में आई फ‍िल्‍म ‘बंद‍िनी’ से म्‍यूज‍िक डायरेक्‍टर एसडी बर्मन के साथ कर‍ियर की शुरुआत की थी। उसके बाद उन्‍होंने आरडी बर्मन, सल‍िल चौधरी, व‍िशाल भारद्वाज और एआर रहमान जैसे म्‍यूज‍िक डायरेक्‍टर्स के साथ काम क‍िया है। उन्होंने अपने हुनर से दर्शको का दिल जीत लिया हैं। गुलज़ार साहब का जन्म 1934 में हुआ था। फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, उसके लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। वह मुंबई में मैकेनिक का काम करते थे, लेकिन उनके शौक ने ही उनकी जिंदगी का मोड़ बदल दिया।

अपनी शायरी के ल‍िए युवाओं में लोकप्र‍िय गुलजार साहब का असली नाम गुलजार नहीं है बल्कि उनका असली नाम है संपूर्ण स‍िंह कालरा। गुलजार उनका पेन नेम है। ‘आंधी’, ‘मौसम’, ‘म‍िर्जा गाल‍िब’ (टीवी सीरीज), क‍िरदार जैसी फ‍िल्‍मों का न‍िर्देशन करने वाले गुलजार ने बॉलीवुड की कई फ‍िल्‍मों के ल‍िए गीत ल‍िखे हैं। उनके इस योगदान के ल‍िए उन्‍हें 2004 में पद्मभूषण से नवाजा गया था। इसके अलावा वह कई बार नेशनल फ‍िल्‍म अवॉर्ड, 20 फ‍िल्‍मफेयर अवार्ड, एक बार एकेडमी अवार्ड और 2009 में उन्हें ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के गाने ‘जय हो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर अवॉर्ड मिला। इसी गाने के लिए उन्हें ग्रैमी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

गुलज़ार ने कई बेहतरीन गानों के बोल लिखे। उन्होंने बतौर निर्देशक भी हिंदी सिनेमा में योगदान दिया है। इसके अलावा उन्होंने दूरदर्शन पर आए शो ‘जंगल बुक’ का मशहूर गाना ‘जंगल जंगल बात चली है..’ भी लिखा था। 1973 में गीतकार गुलजार ने अभ‍िनेत्री राखी से शादी की थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनकी बेटी मेघना पैदा हुईं जोकि आज बॉलीवुड न‍िर्देशक हैं। उन्‍होंने ‘राजी’ और ‘तलवार’ जैसी फ‍िल्‍में बनाई हैं। शादी के कुछ वक्‍त बाद ही राखी और गुलजार के बीच दूरियां आ गईं और ये रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका।