Gehu Kharidi in MP : मध्य प्रदेश में गुरुवार से गेहूं खरीदी का अभियान शुरू होने जा रहा है। इस बार सरकार ने पूरी प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने के लिए खास तैयारियां की हैं। सबसे अहम बात यह है कि खरीदी की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री निवास में बनाए गए कंट्रोल रूम से की जाएगी।
खाद्य और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या देरी न हो। सरकार का फोकस इस बार पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर है।
छोटे किसानों को पहले मिलेगा मौका
इस बार गेहूं खरीदी में छोटे किसानों को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है। जिन किसानों के पास 2 से 5 एकड़ तक जमीन है, उनसे सबसे पहले गेहूं खरीदा जाएगा। सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को राहत देना है।
इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि छोटे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी फसल समय पर खरीदी जा सकेगी।
19 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
प्रदेश में इस बार गेहूं बेचने के लिए बड़ी संख्या में किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। करीब 19.04 लाख किसानों का पंजीयन सफल हो चुका है। अब ये किसान खरीदी के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया 7 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जिसके जरिए किसान अपने सुविधाजनक समय पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
समर्थन मूल्य
इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2,625 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि इसे भविष्य में और बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और उनकी आय बढ़ाना है, ताकि कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जा सके।
इस बार खरीदी केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं, जहां से पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निगरानी होने के कारण अधिकारियों की जवाबदेही भी तय रहेगी और समस्याओं का समाधान जल्दी किया जा सकेगा।
ऑनलाइन मिलेगी जानकारी
किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी जानकारी दी जा रही है। MP e-Uparjan पोर्टल पर गेहूं खरीदी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी और अपडेट उपलब्ध रहेंगे। इससे किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे आसानी से प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
कलेक्टरों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने साफ कहा कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार गेहूं खरीदी को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











