Sirpur Lake : इंदौर का सिरपुर तालाब, जिसे कुछ समय पहले ही अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट में शामिल किया गया था, इन दिनों गहरी समस्या से जूझ रहा है। तालाब का बड़ा हिस्सा घनी जलकुंभी से ढक चुका है और प्रदूषित पानी लगातार इसमें मिल रहा है, जिससे उसकी जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिरपुर तालाब को रामसर साइट बनने पर बधाई दी गई थी, जिससे इंदौर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली थी। लेकिन दो साल बाद जमीनी हालात गंभीर हो चुके हैं। गंदगी और जलकुंभी के कारण तालाब का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता जा रहा है, वहीं शहर का सीवरेज भी इसे प्रदूषित कर रहा है।
वर्तमान स्थिति यह है कि तालाब का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा पूरी तरह जलकुंभी से ढक चुका है। यहां आने वाले विदेशी और प्रवासी पक्षियों की संख्या में भी पिछले तीन वर्षों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेष रूप से छोटा सिरपुर कहलाने वाला हिस्सा तो पूरी तरह जलकुंभी के जाल में फंस चुका है, जिससे पक्षियों के लिए यहां रुकना और भोजन पाना कठिन हो गया है।
प्रशासन की सुस्ती
पर्यावरण विशेषज्ञों और द नेचर वालेंटियर्स के अध्यक्ष पद्मश्री भालू मोंढ़े ने बार-बार अधिकारियों से संवाद किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
“अधिकारी लगातार आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन तालाब की सफाई और संरक्षण पर काम नहीं हुआ। यदि प्राकृतिक वास बिगड़ा तो प्रवासी पक्षी आना बंद कर देंगे।” — पद्मश्री भालू मोंढ़े
नगर निगम के पास जलकुंभी हटाने की मशीन उपलब्ध होने के बावजूद सफाई की प्रक्रिया ठप है। एन्वायरमेंट प्लानिंग एंड कोआर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन ने भी नगर निगम को निर्देश दिए थे, लेकिन हालात जस के तस हैं।
अतिक्रमण और प्रदूषण से संकट गहराया
तालाब के कैचमेंट एरिया और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कॉलोनाइजरों की नजर है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ सख्त कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन यह समस्या अभी भी बरकरार है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बावजूद तालाब में लगातार प्रदूषित पानी मिल रहा है, जिससे पक्षियों की संख्या में गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तालाब की सफाई और संरक्षण पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो सिरपुर तालाब रामसर साइट की सूची से बाहर हो सकता है, जिससे इंदौर की अंतरराष्ट्रीय पहचान पर असर पड़ सकता है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौर में इंदौर की पहचान दांव पर है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि सिरपुर तालाब की सफाई के बिना शहर की स्वच्छता उपलब्धियां अधूरी रह जाएंगी। तालाब का संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।











