मोहन यादव सरकार का बड़ा ऐलान, MP में 15 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, बच्चों को स्कूल में मिलेगा दूध

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By Raj RathorePublished On: February 18, 2026
MP Budget For Education Sector

मध्य प्रदेश विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने शिक्षा क्षेत्र के लिए कई प्रमुख घोषणाएं कीं। बजट भाषण में राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा को मजबूत करने के लिए तीन बड़े कदम सामने रखे। इनमें 15 हजार शिक्षकों की भर्ती, स्कूलों में बच्चों को दूध उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें देना शामिल है।

राज्य बजट में अलग-अलग विभागों के लिए आवंटन और प्राथमिकताएं तय की गईं। शिक्षा सेक्टर को लेकर सरकार का रुख यह रहा कि स्कूलों में बुनियादी शैक्षणिक संसाधन और शिक्षक उपलब्धता पर एक साथ काम किया जाए। इसी क्रम में भर्ती, पोषण और अध्ययन सामग्री को एक पैकेज की तरह प्रस्तुत किया गया।

15 हजार पद भरने की घोषणा

बजट की सबसे अहम घोषणाओं में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती शामिल रही। यह फैसला स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया के जरिए उन स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से स्टाफ की कमी की बात उठती रही है।

शिक्षा विभाग के लिए यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीखने के परिणाम सीधे तौर पर शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात से जुड़े रहते हैं। सरकार ने बजट में संकेत दिया कि स्कूल व्यवस्था को केवल भवन और संसाधनों से नहीं, बल्कि पर्याप्त शिक्षण कर्मियों से भी मजबूत किया जाएगा।

स्कूलों में बच्चों को दूध और निशुल्क किताबें

बजट में बच्चों को स्कूल स्तर पर दूध उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया गया। यह कदम स्कूल शिक्षा के साथ पोषण को जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ आवश्यक पोषण सहयोग भी मिल सके।

इसके साथ विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें देने की घोषणा की गई है। यह फैसला खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जिनके लिए हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में किताबों का खर्च चुनौती बनता है। निशुल्क किताबों की उपलब्धता से स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

इन दोनों घोषणाओं का सीधा असर प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। दूध वितरण और किताबों की उपलब्धता को यदि समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो उपस्थिति और शैक्षणिक निरंतरता जैसे संकेतकों पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

पहुंच, पोषण और पढ़ाई पर संयुक्त रणनीति

2026-27 के बजट में शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा के तीन बुनियादी स्तंभों पर काम करना चाहती है। पहला, कक्षाओं में शिक्षक हों। दूसरा, बच्चों को न्यूनतम पोषण सहयोग मिले। तीसरा, अध्ययन सामग्री तक पहुंच बिना अतिरिक्त बोझ के सुनिश्चित हो।

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बजट भाषण में शिक्षा को अन्य क्षेत्रों के साथ प्राथमिकता के रूप में रखा गया। हालांकि इन घोषणाओं का वास्तविक असर उनके क्रियान्वयन की गति और प्रशासनिक तैयारियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए घोषित ये कदम 2026-27 के नीति फोकस की स्पष्ट दिशा बताते हैं।