उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और पूरे मन से परीक्षा देने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि यह समय छात्रों के सालभर के परिश्रम को परिणाम में बदलने का है। उन्होंने विद्यार्थियों से संयम और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की।
परिश्रम और आत्मविश्वास पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें विश्वास है कि छात्रों ने पूरे साल जो मेहनत की है, उसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। उन्होंने मां सरस्वती की कृपा की कामना करते हुए विद्यार्थियों को केंद्रित और शांत रहकर परीक्षा देने की बात कही।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। इस बीच मुख्यमंत्री का संदेश छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
परीक्षा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। परीक्षा अवधि में दोनों कक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग तिथियों पर विषयवार पेपर आयोजित होंगे।
परीक्षा कैलेंडर के अनुसार यह चरण प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। बोर्ड परीक्षा परिणाम आगे की पढ़ाई, विषय चयन और प्रतिस्पर्धी तैयारी के फैसलों को सीधे प्रभावित करते हैं।
शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञ भी लगातार यही सलाह देते हैं कि परीक्षा के दिनों में समय प्रबंधन, प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना और निर्धारित क्रम में उत्तर लिखना छात्रों के लिए उपयोगी होता है। मुख्यमंत्री के संदेश में भी धैर्य और अनुशासन पर इसी कारण विशेष बल दिखाई देता है।
बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ ही अब प्रदेश में परीक्षा सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। 12 मार्च 2026 तक चलने वाली इस प्रक्रिया पर शिक्षा विभाग, विद्यालयों और अभ्यर्थियों की निगाह रहेगी।











