MP Budget 2026 : मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने डॉ. मोहन यादव सरकार का 2026-27 का 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। बजट दस्तावेज के अनुसार महिला कल्याण और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। यह राशि राज्य की प्रमुख सामाजिक योजनाओं, पोषण कार्यक्रमों, आवास सहायता और कार्यस्थल से जुड़े सहयोगी ढांचे पर केंद्रित है।
इस बजट में सबसे बड़ा आवंटन लाड़ली बहना योजना को मिला है। इसके साथ लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी अधोसंरचना, कामकाजी महिलाओं के लिए सखी निवास और स्कूली बच्चों के पोषण से जुड़ी नई यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना को भी अलग-अलग मदों में शामिल किया गया है। सरकार ने पिछले चरण की उपलब्धियों के आंकड़े भी साझा किए हैं, जिनके आधार पर नए वित्तीय प्रावधान तय किए गए हैं।
लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी
राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस योजना में 1.25 करोड़ पंजीकृत महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। बजट में यह राशि महिला आय-सहायता के सबसे बड़े घटक के रूप में सामने आई है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के लिए 1,801 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सरकार के अनुसार अब तक 52 लाख से अधिक बेटियां इस योजना से लाभान्वित हुई हैं और बड़ी संख्या में छात्रवृत्तियां जारी की गई हैं। इस योजना का फोकस बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा के चरणों तक आर्थिक समर्थन देना है, ताकि परिवारों पर शिक्षा खर्च का दबाव कम हो।
मातृ वंदना, पोषण 2.0 और आंगनबाड़ी ढांचे पर निवेश
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 386 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। यह प्रावधान गर्भवती महिलाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता को मजबूती देने के लिए रखा गया है। इसके साथ ही पोषण 2.0 के तहत माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार का लक्ष्य दोहराया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य में 2,949 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 31,425 आंगनबाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी वित्तीय व्यवस्था की गई है। बजट में आंगनबाड़ी परिसरों में स्मार्ट टीवी, वाटर प्यूरीफायर और पोषण संबंधी सुविधाएं विकसित करने का उल्लेख भी किया गया है, ताकि सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचें।
कामकाजी महिलाओं के लिए सखी निवास
कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित और व्यवस्थित आवास के लिए कई जिलों में सखी निवास बनाए जा रहे हैं। बजट में जिन जिलों का उल्लेख है, उनमें उज्जैन, धार, रायसेन, भिंड, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ शामिल हैं। इन आवासीय परिसरों का उद्देश्य रोजगार या प्रशिक्षण के लिए बाहर रहने वाली महिलाओं को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना है।
महिला उद्यमिता को समर्थन देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। सरकार के अनुसार अब तक 41,767 स्व-सहायता समूहों और 4,165 महिला उद्यमियों को इस योजना से लाभ मिला है। बजट में महिला स्व-रोजगार को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के साथ जोड़कर देखने का संकेत मिलता है, ताकि आय और कौशल दोनों मोर्चों पर काम हो सके।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना
बजट में बच्चों की सेहत से जुड़ी यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव है। इस योजना के तहत कक्षा 8 तक के लगभग 80 लाख विद्यार्थियों को दूध के टेट्रा पैक दिए जाएंगे। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 6,600 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है।
यह पहल सीधे तौर पर छात्र पोषण सुधार से जुड़ी है, लेकिन इसका प्रभाव मातृ-शिशु पोषण चक्र पर भी पड़ने की उम्मीद जताई गई है। स्कूल आयु वर्ग के बच्चों में पोषण की स्थिति बेहतर होने से स्वास्थ्य और शिक्षा, दोनों क्षेत्रों के संकेतकों पर असर पड़ सकता है।
कुल बजटीय तस्वीर
2026-27 के बजट में महिलाओं के लिए घोषित योजनाएं केवल नकद सहायता तक सीमित नहीं हैं। इसमें आय-सहायता, बालिका शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी अधोसंरचना, सुरक्षित आवास, महिला उद्यमिता और स्कूली पोषण जैसे अलग-अलग आयाम शामिल हैं। 1,27,555 करोड़ रुपये का समेकित प्रावधान इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार ने महिला केंद्रित योजनाओं को बजट संरचना के मुख्य हिस्से में रखा है।
आगे इन घोषणाओं का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि जिला स्तर पर परियोजनाएं तय समयसीमा में कितनी तेजी से लागू होती हैं, और लाभार्थियों तक भुगतान व सेवाएं कितनी नियमितता से पहुंचती हैं। फिलहाल, बजट में घोषित आंकड़े महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के विस्तार का स्पष्ट रोडमैप दिखाते हैं।











