यूजी एडमिशन नियमों में हुआ बदलाव, विषय परिवर्तन के लिए देनी होगी परीक्षा, प्रदेश की किसी भी यूनिवर्सिटी में मिल सकेगा एडमिशन

Author Picture
By Raj RathorePublished On: March 12, 2026

मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने अंडर ग्रेजुएट (UG) कोर्सेस में दाखिले के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत, जो छात्र 12वीं के बाद अपनी स्ट्रीम या विषय बदलकर ग्रेजुएशन करना चाहेंगे, उन्हें अब एक एकीकृत पात्रता परीक्षा (Integrated Eligibility Test) देनी होगी। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लिया गया है और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू करने की तैयारी है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र ने 12वीं की परीक्षा विज्ञान या गणित जैसे विषयों से पास की है और वह ग्रेजुएशन में आर्ट्स, कॉमर्स या किसी अन्य संकाय में प्रवेश लेना चाहता है, तो उसे पहले इस पात्रता परीक्षा को पास करना अनिवार्य होगा। इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्र प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे।

विक्रम यूनिवर्सिटी कराएगी परीक्षा

उच्च शिक्षा विभाग ने 11 मार्च को एक सर्कुलर जारी कर इस नई परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय (विक्रम यूनिवर्सिटी) को सौंपी है। विश्वविद्यालय शुरुआती दो शैक्षणिक सत्रों, 2026-27 और 2027-28, के लिए यह परीक्षा आयोजित करेगा। यह निर्णय यूजीसी रेगुलेशन-2025 के तहत विश्वविद्यालय समन्वय समिति की स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।

पीजी में पहले से लागू है व्यवस्था

स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में विषय बदलने के लिए ऐसी व्यवस्था पिछले सत्र से ही लागू है। हालांकि, विश्वविद्यालय स्तर पर अभी तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है। जानकारों का अनुमान है कि लगभग 25% छात्र 12वीं के बाद अपना विषय बदलते हैं, इसलिए यूजी स्तर पर इस नियम को लागू करने से पहले अध्यादेश में संशोधन करना आवश्यक होगा।

अध्यादेश में संशोधन की जरूरत

फिलहाल, मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत यूजी के लिए अध्यादेश 14(1) और पीजी के लिए अध्यादेश 14(2) लागू हैं। यूजी से संबंधित अध्यादेश 14(1) में किसी भी तरह की प्रवेश परीक्षा का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद विभाग यह पात्रता परीक्षा कराने जा रहा है, जिसके लिए अध्यादेश में संशोधन जरूरी होगा। वहीं, पीजी अध्यादेश 14(2) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि छात्र अपने यूजी के विषयों से अलग विषय में पीजी कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे राष्ट्रीय (जैसे CUET) या विश्वविद्यालय स्तर की प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी।