सीएम योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी मंदिर में किए दर्शन, पूजा के बाद गोशाला में गायों को खिलाया गुड़

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By Raj RathorePublished On: March 12, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बलरामपुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन कर पूरे विधि-विधान से पूजा की और प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने मंदिर परिसर में स्थित गौशाला का भी दौरा किया।

सीएम योगी ने गौशाला में गायों की सेवा की और उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का पशुओं, विशेषकर गायों के प्रति लगाव सर्वविदित है और वे अक्सर अपनी यात्राओं के दौरान गौशालाओं का निरीक्षण करते हैं।

ब्रह्मलीन महंत को दी श्रद्धांजलि

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी का देवीपाटन मंदिर से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है और वे गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में समय-समय पर यहां आते रहते हैं।

बलरामपुर में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री सुबह मंदिर परिसर में ही टहलते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की। मंदिर में पूजा और गौशाला के निरीक्षण के बाद वे जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के लिए रवाना हो गए।

विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बलरामपुर, श्रावस्ती, और गोंडा जिलों के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता एक भयमुक्त और सुरक्षित प्रदेश का निर्माण करना है। सीएम योगी का यह दौरा क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।