कोरोना का समाज के सभी वर्गों पर काफी असर पड़ा है और दृष्टिबाधित एवं दृष्टिहीन लोगों के लिए भी परिस्थितियां मुश्किल हो गई है। कोरोना के बाद से वे अब छोटे-मोटे काम भी नहीं कर पा रहे हैं।
जिसके लिए सांसद शंकर लालवानी ने प्रयास शुरू किए हैं। सांसद शंकर लालवानी ने सामाजिक संस्था राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के सहयोग से दृष्टिबाधित एवं दृष्टिहीन लोगों को निःशुल्क सामान बांटा ताकि वे छोटे स्तर का अपना व्यापार पुनः शुरू कर सकें। इसमें कुछ नगद राशि के साथ अगरबत्ती, फिनाइल, स्टेशनरी, धूपबत्ती, हवन सामग्री, फिनाइल की गोली, चिप्स आदि सामग्री बांटी।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि ये वे लोग है जो ट्रेनों में और शहर में घूमकर सामग्री बेचते हैं, दूसरे कई छोटे-मोटे काम करते हैं लेकिन कोरोना के कारण इनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में सामाजिक संस्था के साथ मिलकर इन्हें नि:शुल्क सामग्री बांटी है ताकि वे इसे बेच सकें और पुन: अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के द्वारा छात्रावास व ट्रेनिंग सेंटर चलाए जाते हैं और वहां नारियल की रस्सी बनाना, मोमबत्ती बनाना, दोने पत्तल बनाना आदि ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही ब्रेल प्रेस के द्वारा किताबों का भी प्रकाशन किया जाता है।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि ये बेहद कठिन समय है और हमें अपने साथ-साथ जरुरतमंदों का ध्यान रखना है।
समाज के कई लोग भी इनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे ही एक कपल रोहित और तान्या कस्तूरी ने लॉकडाउन बाद घूमने का प्लान बनाया था लेकिन सांसद शंकर लालवानी से बात करने के बाद इन्होंने ये सारी जमापूंजी दृष्टिहीन लोगों की मदद करने के लिए दान दे दिए। सांसद लालवानी ने कस्तूरी दम्पत्ति के इस कदम को सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर राजेंद्र माखीजा, जीतू बगानी, रेणु जयसिंघानी, प्रकाश रोचलानी, लकी खत्री, हरपाल सीतलानी, तरुण माखीजा, विशाल गिदवानी आदि उपस्थित थे।