एमपी के इस जिले में 287 करोड़ का बाईपास लगभग हुआ तैयार, हाईवे से सीधे जुड़ेंगे 200 से अधिक गांव

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By Raj RathorePublished On: February 9, 2026
Gadpahra Berkhedi Green Field Bypass

Gadpahra Berkhedi Green Field Bypass : मध्य प्रदेश के सागर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने जा रहा है। शहर को भारी वाहनों के दबाव से मुक्त करने के लिए बनाई जा रही रिंग रोड परियोजना के तहत गढ़पहरा-बेरखेड़ी ग्रीन फील्ड बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 287 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद इसे जल्द ही यातायात के लिए खोले जाने की उम्मीद है।

इस बाईपास के बनने से शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना आसपास के सैकड़ों गांवों के लिए विकास का नया मार्ग खोलेगी।

शहर को मिलेगी जाम से राहत

लंबे समय से सागर शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। भोपाल, इंदौर या जबलपुर की ओर जाने वाले ट्रक और अन्य बड़े वाहन शहर के बीच से होकर गुजरते थे, जिससे मुख्य मार्गों पर दिनभर दबाव की स्थिति रहती थी। इस बाईपास के बनने से यह सभी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

क्या है गढ़पहरा-बेरखेड़ी बाईपास परियोजना?

यह बाईपास सागर रिंग रोड परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। गढ़पहरा से बेरखेड़ी तक बनने वाला यह ग्रीन फील्ड बाईपास एक पूरी तरह से नया मार्ग है। इसके निर्माण पर कुल 287 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

200 से ज्यादा गांवों के लिए बनेगा वरदान

इस बाईपास का सबसे बड़ा लाभ सागर के आसपास बसे 200 से अधिक गांवों को मिलेगा। अभी तक इन गांवों के लोगों को मुख्य राजमार्ग तक पहुंचने के लिए लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता था। बाईपास बनने के बाद ये गांव सीधे नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) से जुड़ जाएंगे।

इससे न केवल ग्रामीणों का यात्रा समय बचेगा, बल्कि किसानों को अपनी कृषि उपज को मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंचाना भी आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से इन ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।