35 वां चक्रधर समारोह : भरत नाट्यम और लोक गीतों की प्रस्तुती से झूम उठे दर्शक

चक्रधर समारोह के आठवें दिन सर्वप्रथम बिलासपुर से आईं कथक नृत्यांगना तनु चौहान ने मनमोहक प्रस्तुति दी।

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kathak

चक्रधर समारोह के आठवें दिन सर्वप्रथम बिलासपुर से आईं कथक नृत्यांगना तनु चौहान ने मनमोहक प्रस्तुति दी। रायगढ़ की आशा चंद्रा एवं उनकी टीम के द्वारा छत्तीसगढ़ के विविध रंगों से सजे लोकगीतों की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम के द्वारा लोकगीत के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति का सजीव चित्रण किया गया।

कर्नाटक से आईं भरतनाट्यम की प्रख्यात नृत्यांगना बाला विश्वनाथ और उनके ग्रुप द्वारा दी गई प्रस्तुति ने खूब प्रशंसा बटोरीं। उन्होंने पौराणिक कथाओं पर आधारित समुद्र मंथन, दशावतार और हिरण्यकश्यप वध की जीवंत प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाराणसी से आये राहुल-रोहित मिश्रा ने शास्त्रीय गायन की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी ठुमरी और कजरी ने दर्शकों की सराहना मिली। दुर्ग से आये छत्तीसगढ़ी लोकगायक सुनील सोनी ने छत्तीसगढ़ी गीत सुनाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

समारोह में बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक, उर्वशी देवी, देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अनके जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने राजा चक्रधर के चित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।