येदियुरप्पा की कहानी में साक्षी-अजितेश से भी ज्यादा ट्विस्ट हैं

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आज भाजपाई आरोप लगाते हैं कि अजितेश ने दौलत के लालच में साक्षी से शादी की। ऐसे में येदियुरप्पा भी याद आते हैं।

बेहद मामूली परिवार में जन्मे येदियुरप्पा ने वीरभद्र चावल मिल में क्लर्क की नौकरी की जहां उनकी नजर मिल मालिक वीरभद्र शास्त्री की सुंदर बेटी मैत्रा देवी पर पड़ी। वे मैत्रा देवी को प्रभावित करने में सफल रहे और 1967 में उन्हें मैत्रा देवी से शादी करने में सफलता मिल गई और उनकी तकदीर के द्वार खुल गए। उन्होंने अपना बिजनेस भी शुरू किया और कामयाब होते चले गए। कुछ ही सालों बाद वो राजनीति में सक्रिय हो गए और नगरपालिका होते हुए विधानसभा तक पहुंचे।

जिस मैत्रा देवी से शादी करके येदियुरप्पा अमीर हुए थे, उसकी मौत बड़ी रहस्यमय तरीके से किसी साधारण मजदूर महिला की तरह कुएं में गिरने से 2004 में हुई। उसी दौरान भाजपा नेता शोभा करंदलाजे से येदियुरप्पा की निकटता काफी चर्चा में थी।

वीरभद्र शास्त्री ने तो जल्द ही अपनी संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा अपनी बेटी और येदियुरप्पा की पत्नी मैत्रा को देकर उनसे संबंध खत्म कर लिए थे।

येदियुरप्पा के दोनों साले जुड़वा हैं। इनके नाम पंचाक्षरी शास्त्री और षडाक्षरी शास्त्री हैं। उनकी पत्नियों रुमंजुलम्मा और रुविजयम्मा का आरोप रहा है कि उनकी शादी होते ही रुपंचाक्षरी और रुषडाक्षरी को पागल बताकर येदियुरप्पा ने उन्हें पागलखाने में भर्ती करा दिया। दोनों सालों के पागलखाने में भर्ती होते ही संपत्ति का मालिकाना हक उनकी पत्नियों के नाम आ गया तो येदियुरप्पा ने दोनों को डरा-धमकाकर सारी संपत्ति अपने नाम करा ली।

रुरियलरिपोर्ट के मुताबिक येदियुरप्पा के दोनों साले कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में भर्ती हैं। आरोप है कि उनके बेटों तक को उनसे नहीं मिलने दिया जाता। दोनों महिलाओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट में येदियुरप्पा के खिलाफ केस भी दायर किया था, लेकिन उन्हें केस वापस लेने पर मजबूर कर दिया गया। दोनों ने येदियुरप्पा पर जान से मारने और जिंदा जला देने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। येदियुरप्पा के दोनों सालों की पत्नियां इस जिस मकान में रहती हैं, उसका भी मालिकाना हक तक उनके पास नहीं हैं।

महेंद्र यादव
येदियुरप्पा मामलों के जानकार

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