मंदसौर में जब पानी उतर गया तब गोविंद ने किया हवा हवाई दौरा….

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सिंधिया कैम्प के सबसे वरिष्ठ नेता रहे स्व. महेंद्र सिंह कालूखेड़ा, प्रताप भानू शर्मा सहित कई बडे़ नेताओं को अपनी जादुई राजनीति से पीछे छोड़ने वाले प्रदेश के परिवाहन मंत्री पिछले दो तीन माह से चर्चाओं में है। चर्चाओं की वजह मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ डिनर पोलिटिक्स और लगातार सरकार के मुखिया को सीख, चेताना…। लगातार मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ बोलकर अपना कद ऊंचा कर सिंधिया कैम्प में अपनी वजनदार प्रस्तुति के चक्कर में गोविंद राजपूत ने सीहोर के तहसील कार्यालय का रिकाॅर्ड खंगाल डाला और बिना वाजिब कारण के तहसीलदार को निलंबित करने का फरमान सुना डाला।

भाजपा सरकार के समय ताकतवर मंत्री रहे रामपाल राजपूत के बडे़ भाई के दमाद भिंड निवासी तहसीलदार सुधीर कुशवाहा को बिना किसी कारण के निलंबित करने का विरोध किया और तहसीलदार भी निलंबन के खिलाफ न्यायालय की शरण में पहुंचे और सरकार के दो बडे़ मंत्रियों ने भी गोविंद के निर्णय के अनुचित करार दिया। बताया जा रहा है कि मंत्री गोविंद राजपूत अब बगले झाक रहे हैं। यह प्रदेश का पहला मामला होगा, जब राजस्व मंत्री को अपने अधिनस्थ अधिकारी से क्षमा याचना करनी पड़ रही है और तहसीलदार साहब है कि मंत्री जी को माफ करने के मूड में नहीं है।

और मामला अभी हाल ही का है जब गोविंद राजपूत सरकारी हेलीकॉप्टर लेकर मंदसौर जिले में आई बाढ़ का हवाई दौरा करने पहुंचे। पानी उतर चुका था। जिले के कलेक्टर साहब आॅफिस के राजस्व रिकाॅर्ड के दर्शन मंत्रीजी को कराते रहे और जिलेभर के कांग्रेस नेता समस्याओं को गिनाने के लिए मंत्रीजी के नीचे उतरने का इंतजार करते रहे और मंत्री हवाई पर्यटन कर वापस आ गए। सवाल तो तब उठे जब राजस्व मंत्री गोविंद राजपूत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करके आए नुकसान की जानकारी के लिए मीडियाकर्मी इंतजार करते रहे और मंत्री जानकारी दिए बिना घर को चल दिए।
पवन देवलिया भोपाल

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