मध्यप्रदेश में उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर भारत में बारह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। महाकालेश्वर मंदिर की महिमा का विभिन्न पुराणों में विशद वर्णन किया गया है। इन दिनों बाबा महाकाल मंदिर के विस्तार के लिए खुदाई चल रही हैं और इस खुदाई में करीब 1,000 साल पुराने परमार कालीन मंदिर का ढांचा सामने आया है। इसके अलावा 11वीं शताब्दी की कई अहम मूर्तियां भी निकली हैं। इस खुदाई के बाद परमार कालीन वास्तुकला का बेहद खूबसूरत मंदिर दिखाई देने लगा है।

कुछ समय पहले मंदिर के अगले हिस्से में खुदाई हुई थी। इस दौरान भी माता की प्रतिमा सामने आई थी। संस्कृति विभाग को इस बात की जानकारी लगी तो, उन्होंने तुरंत पुरातत्व विभाग भोपाल के चार सदस्यों को उज्जैन महाकाल परिसर के निरीक्षण के लिए भेजा। तब टीम को लीड कर रहे अधिकारी ने कहा था कि 11वीं-12वीं शताब्दी का मंदिर नीचे दबा हुआ है, जो की उत्तर वाले भाग में है।

वहीं दक्षिण की और चार मीटर नीचे एक दीवार मिली है, जो करीब 2,100 साल पुरानी हो सकती है। बता दें जब मंदिर के अगले हिस्से में विश्राम भवन बनाया जा रहा था तब भी खुदाई के दौरान करीब 1,000 साल पुराने अवशेष सामने आए थे। इसके बाद काम को रोका गया था।

वहीं पुरातत्व अधिकारी का कहना हैं कि अभी यह बता पाना मुश्किल है की खुदाई में बाहर आया मंदिर किसने बनवाया था। इस पर स्टडी की जाएगी। सभी मूर्तियों और मंदिर के स्ट्रक्चर का एलाइनमेंट होगा, उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि पुरातत्व अवशेष को बचाना है इस कारण काम की रफ्तार धीमी है।