इंदौर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा (Enterprises Minister Omprakash Sakhalecha) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में स्टार्टअप ईकोसिस्टम (start-up ecosystem) निरंतर मजबूत हो रहा है। प्रवासी भारतीय मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स में निवेश करें, उनका वैश्विक स्तर पर प्रचार करें और विपणन में सहयोग करें।

मंत्री सखलेचा (Minister Sakhlecha) ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स स्वयं को अकेला महसूस ना करें, सरकार हर तरीके से उनके साथ खड़ी है। मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति में स्टार्टअप्स को एकल खिड़की प्रणाली से लेकर हर तरीके की सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है। नए स्टार्टअप्स को सरकार मुख्यमंत्री उद्यम विकास योजना में एक लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक का ऋण अपनी गारंटी पर उपलब्ध कराती है।

मंत्री सखलेचा आज इंदौर में 17 वें प्रवासी भारतीय दिवस में मध्य प्रदेश में इकोसिस्टम पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सखलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में बड़ी संख्या में नए स्टार्ट अप्स चालू हो रहे हैं और उनका तेजी से विकास हो रहा है। हमारा यह संकल्प है जिस प्रकार पूरी दुनिया में स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत तीसरे स्थान पर है, उसी प्रकार पूरे भारत में मध्य प्रदेश अग्रणी रहेगा।

सचिव और आयुक्त एमएसएमई पी नरहरि ने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ईकोसिस्टम है। यहां 86 हजार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स है, जिनमें 108 यूनिकॉर्न है। राज्यों की स्टार्टअप्स रैंकिंग में मध्य प्रदेश प्रथम पंक्ति में आता है। मध्यप्रदेश में स्टार्टअप नीति 2022 लागू की है। मध्यप्रदेश में 2600 स्टार्टअप्स है, जिनमें 40% महिला स्टार्टअप हैं। मध्यप्रदेश का स्टार्टअप पोर्टल भारत सरकार के स्टार्टअप पोर्टल से एकीकृत किया गया है। कोई भी उद्यमी जिसके पास नवाचार और रचनात्मकता हो, वह स्टार्टअप पोर्टल पर अपने स्टार्टअप को पंजीकृत करा सकता है।

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सत्र में स्टार्टअप “शॉप किराना” के सीईओ तनु तेजस और अन्य पेनलिस्ट ने अपने स्टार्टअप की स्थापना एवं सफलता के विषय में जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया। मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के एमडी रोमित सिंह ने विषय प्रवर्तन किया।