कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए फिर उछाला नेहरू-गांधी परिवार के इस सदस्य का नाम

0
31
Rahul and sonia gandhi

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कई बड़े नेताओं ने अपने इस्तीफे पार्टी को सौंप दिए। अब अध्यक्ष पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में एक बार फिर सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद की कमान सौंपने की मांग उठ रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि सोनिया गांधी दोबारा पार्टी की बागडोर संभाले, क्योंकि पार्टी में लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

Sonia Gandhi and former prime minister Manmohan Singh

हालांकि सोनिया गांधी ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने इस्तीफा सौंपते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी को नया अध्यक्ष चुनने के लिए 1 महीने का समय भी दिया था, मगर कमेटी ऐसा नहीं कर पाई। राहुल का मनाना है कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का होना चाहिए। इसके बाद भी पार्टी के कुछ नेताओं ने राहुल और प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लिया अब सोनिया गांधी को दोबारा कांग्रेस की कमान सौंपे जाने की खबर ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि कांग्रेस में गांधी परिवार से बाहर अध्यक्ष बनाने को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी हैं।

इन नामों पर भी चल रही चर्चा

इधर, अध्यक्ष पद के लिए पार्टी में कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक मौजूदा समय में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक के नाम पर के नाम पर गंभीर चर्चा चल रही है। हालांकि अभी तक इस पर सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों के मुताबिक मनमोहन सिंह का नाम पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं की तरफ से दिया गया है। साथ ही यह बात भी कही जा रही कि अध्यक्ष मनमोहनसिंह को बनाकर चार कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिए जाए, जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करेंगे।

मनमोहन सिंह के साथ के साथ प्लस पॉइंट यह है कि उनकी छवि साफ-सुथरी और ईमानदार व्यक्ति की है. अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो उनके नीचे काम करने में कांग्रेस पार्टी के किसी नेता को परेशानी नहीं होगी और गुटबाजी पर भी लगाम लगेगी। वहीं 40 साल संगठन का काम संभाल रहे मुकुल वासनिक को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वासनिक ने कांग्रेस पार्टी के तमाम पदों पर सफलतापूर्वक काम किया है। इसके अलावा मुकुल वासनिक साफ-सुथरी छवि के दलित नेता है। उन पर आज तक गुटबाजी या करप्शन का कोई आरोप नहीं लगा है। मुकुल वासनिक लोकसभा के दो बार सांसद सांसद रह चुके हैं। वह मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here