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मानिकचंद गुटखा ब्रांड मामला : सचिन की गिरफ़्तारी से पुलिस को राहत, जल्द ख़त्म हो सकता है केस

मानिकचंद गुटखा ब्रांड का मामला जेएमजे ग्रुप के वारिस सचिन जोशी की मुंबई में गिरफ्तारी के साथ अंतिम दौर में पहंुच गया है। सूत्रों ने बताया कि एनआरआई कारोबारी को इस साल मार्च में हैदराबाद में गुटखा जब्ती के मामले में हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों के अंदर जोशी को आगे की पूछताछ के लिए हैदराबाद ले जाया गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में जोशी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
हैदराबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मार्च 2020 में हैदराबाद में गुटखे का एक बड़ा भंडार बरामद किया था।

उन्होंने कहा, “हमने लाखों रुपये के 80 बक्से बरामद किए। संदिग्धों से पूछताछ में जोशी का नाम सामने आया और उसे मामले में एक आरोपी बनाया गया।” उन्होंने कहा कि बहादुरपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (जानलेवा) और 273 (जहरीले खाद्य या पेय की बिक्री) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अधिकारी ने जोशी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की जानकरी दी क्योंकि जोशी भारतीय निवासी नहीं है।

गिरफ्तारी की वजह यह बताई गई कि हैदराबाद पुलिस को बरामद गुटखे के बक्से ‘मानिकचंद’ ब्रांड के थे जबकि इसका उत्पादन हैदराबाद की एक कम्पनी ने किया था। 13 अक्टूबर 2020 को सेवन हिल्स मार्केटर्स और ‘7 हिल्स मानिकचंद’ ब्राण्ड नाम से पान मसाला के उत्पादक ए वी सुरेश कुमार ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। सुरेश कुमार ने बताया कि उनका 07-10-2015 से पूरे भारत में ‘7 हिल्स मानिकचंद पान मसाला’ बेचने का कारोबार है और इसके लिए सरकार को करों का भुगतान करते हंै।

शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि साइबराबाद कमिश्नरी (तेलंगाना) के शमशाबाद में सर्वे नं 6565/1, डी नं 12-14, शतमरई स्थित गोल्डन फिंगर्स फूड प्रोडक्ट्स में नकली मानिकचंद ट्रेड मार्क के साथ हानिकारक पान मसाला का उत्पादन किया जा रहा है। यह ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड ट्रेडमार्क लिमिटेड की ओर से किए जाने का दावा किया गया जिसका पता 604 और 605, गेटवे प्लाजा, सेंट्रल एवेन्यू, हीरानंदानी गार्डन, पवई, मुंबई है। 13-10-2020 दिनांकित एफआईआर 568/2020 में भारतीय दंड संहिता की धारा 103, 104 टीआरए और धारा 420 के तहत जेएम जोशी और सचिन जोशी को आरोपी बनाया गया और साइबराबाद के राजेंद्रनगर में 14 वें महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में जे एम जोशी और उनके बेटे सचिन जोशी और अन्य के खिलाफ मामला दायर किया गया।

इसी दौरान जेएम जोशी की देखरेख में कार्यरत गोवा आधारित जेएमजे इंडस्ट्रीज ने 16 सितंबर 2020 को जेएमजे मानिकचंद के लिए एक ट्रेडमार्क का आवेदन किया और इसका मकसद नकली जेएमजे मानिकचंद ब्राण्ड नाम का इस्तेमाल करना था। हैदराबाद में दर्ज मौजूदा मामले की प्राथमिकी में यह आरोप कि जेएमजे मानिकचंद ‘जेएम जोशी का असली उत्पाद’ बता कर नकली गुटखा उत्पाद बेचने में संलग्न है। ए.वी. सुरेश कुमार ने अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया है कि जेएमजे इंडस्ट्रीज मानिकचंद ट्रेड मार्क का उपयोग करता है जो वास्तव में कानूनी तौर पर पंजीकृत ब्रांड नाम ‘द 7 हिल्स मानिकचंद’ के समान होने से भ्रम पैदा करता है और इस तरह गैरकानूनी व्यवसाय किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने इस दृष्टिकोण की पुष्टि करने की मांग की है कि केवल ‘7 हिल्स मानिकचंद’ असली ट्रेडमार्क है और आरोपी नकली ट्रेडमार्क का उपयोग कर गैर-कानूनी पान मसाला कारोबार में लिप्त हंै। शिकायतकर्ता ने इस पर जोर देने की मांग भी की है कि पान मसाला के उपभोक्ता नकली तस्वीरों (रिप्रेजेंटेशन) से ठगे जाते हैं और इसलिए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। एकमात्र असली पान मसाला ‘7 हिल्स मानिकचंद’ है और इसी तरह का कोई भी अन्य नाम नकली है।