शिवसेना ने विधायकों को किया शिफ्ट, गडकरी बोले- जरूरत पड़ने पर कर सकते हैं मध्ययस्थता

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ शिवसेना 50-50 फाॅर्मूले को लेकर अड़ी हुई है, तो वहीं बीजेपी का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। ऐसे में अटकले लगाई जा रही है कि राज्य सरकार को लेकर एनसीपी बड़ी भूमिका निभा सकती है।

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nitin gadkari

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ शिवसेना 50-50 फाॅर्मूले को लेकर अड़ी हुई है, तो वहीं बीजेपी का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। ऐसे में अटकले लगाई जा रही है कि राज्य सरकार को लेकर एनसीपी बड़ी भूमिका निभा सकती है।

शिवसेना ने विधायकों को किया शिफ्ट

शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे ने पार्टी के नवनियुक्त विधायकों की बैठक बुलाई थी। जिसके बाद विधायकों को रंगशारदा होटल से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। शिवसेना ने संदेह जताया है कि उनके विधायकों में फूट डाली जा सकती है। ऐसे में उन्हे महफूज ठिकाने पर ले जाया जा रहा है।

गडकरी बोले- खरीद फरोख्त का कोई सवाल ही नहीं

महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच मुंबई पहंुचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवसेना के आरोपों को लेकर कहा कि विधायकों की खरीद फरोख्त का कोई सवाल पैदा नहीं होता है। यदि बीजेपी-शिवसेना के बीच मध्यस्थता की आवश्यकता प़ती है तो वह कर सकते हैं। इस दारैान गडकरी ने 50-50 फाॅर्मूले को लकर कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। सााथ ही उन्होने कहा कि राज्य में सरकार बनाने में संघ की कोई भूमिका नहीं है।

कांग्रेस का आरोप- 25 से 50 करोड़ रुपये देने की हो रही पेशकश

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को दावा किया है कि महाराष्ट्र में पार्टी बदलने के लिए विधायकों को 25 करोड़ से 50 करोड़ रुपये देने देने की पेशकश हो रही है। उन्होने कहा कि कांग्रेसी विधायकों को भी फोन कर इस तरह की पेशकश की गई है। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर कर दिया है।

एनसीपी ने बीजेपी लगाया ये आरोप

एनसीपी ने बीजेपी आरोप लगाया है कि वह महाराष्ट्र को राष्ट्रपति शासन की ओर धकेल रही है और राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के जरिए चलाना चाहती है। एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने ट्वीट किया, ‘भाजपा महाराष्ट्र को दिल्ली से मोदी और शाह के जरिए चलाना चाहती है, इसीलिए वह राज्य को राष्ट्रपति शासन लगाने की दिशा में ले जा रही है। लोग महाराष्ट्र का यह अपमान सहन नहीं करेंगे।’