NRC लिस्ट पर RSS ने उठाए सवाल, कहा- खामियां दूर करने के लिए आगे आए पीएम मोदी

केन्द्र सरकार द्वारा पिछले दिनों असम में जारी की गई राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के फाइनल लिस्ट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपत्ति जताई है।

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केन्द्र सरकार द्वारा पिछले दिनों असम में जारी की गई राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के फाइनल लिस्ट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपत्ति जताई है। राजस्थान के पुष्कर में सात से नौ सितंबर तक चली आरएसएस की समन्वय बैठक में कहा है कि एनआसी की फायनल लिस्ट में कुछ गड़बड़ी है और इन्हे दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगं आए। संघ ने घुसपैठियों को बाहर किए जाने की मांग भी की है।

बैठक में एनआरसी मुद्दे पर हुई चर्चा को लेकर संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के दौरान एनआसी को लेकर बहुत सारे सवाल उठे थे। बैठक में ये बात भी सामने आई है कि इस लिस्ट में बहुत सारे घुसपैठिए अपना नाम डलवाने में कामयाब हो गए हैं। येएक जटिल समस्या है, ऐसे में इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।

बैठक में कहा गया कि एनआरसी एक बहुत जटिल मसला है। शीर्ष अदालत के निर्देशों के चलते असम सरकार को इस बारे में सीमित समय में काम करना था। असम में बड़ी संख्यां में बांग्लादेशी घुसपैठिए गए हैं और मतदाता सूची में आ गए हैं, आधार कार्ड में आ गए। ऐसे में एक तरीके से ये जटिल समस्या बन गई है। संघ ने कहा है कि एनआरसी रिपोर्ट में कुछ खमियां हो सकती है। उन्हे दूर करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।

अनुच्छेद 370 हटने पर जताई खुशी

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने पर आरएसएस ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे कार्यकर्ता लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। लद्दाख जैसे इलाके में संघ के कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत कर प्रखर राष्ट्रवाद को खड़ा किया था। जिसका परिणाम है कि अनुच्छेद 370 हटाया जा सका है।

कश्मीर में नेताओं की तुलना आरएसएस ने कांग्रेस कार्यकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण की गिरफ्तारी से करते हुए कहा कि चुने हुए नेताओं ने भी गलतियां की है जिसके चलते ये सब हुआ है। केंद्र सरकार वहां पर स्थिति सामान्य करने के लिए यह सारे काम कर रही है।

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