नई दिल्ली। प्रसिद्ध वास्तुकार और पद्म भूषण से सम्मानित बालकृष्ण दोशी (Balkrishna Doshi) का 95 वर्ष की उम्र में अहमदाबाद में निधन हो गया है। बालकृष्ण दोशी को भारत में आधुनिक आर्किटेक्चर का जनक माना जाता था, आईआईएम बैंगलोर और अन्य कई प्रमुख बिल्डिंग्स उनके सोच और कला का अद्भुत उदाहरण माने जाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनके निधन पर दुख जताया है। बालकृष्ण दोशी ने फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बोजियर व लुई काह्न के साथ काम किया था। इंदौर में जब लो कॉस्ट टाउनशिप अरण्य को उन्होंने डिज़ाइन किया था तो उसी के लिए 1995 में उन्हें प्रसिद्ध आगा खान अवार्ड फ़ॉर आर्किटेक्चर से सम्मानित किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘डॉ बीवी दोशी जी एक शानदार वास्तुकार और एक उल्लेखनीय संस्था निर्माता थे। आने वाली पीढ़ियों को भारत भर में उनके समृद्ध कार्यों की प्रशंसा करके उनकी महानता की झलक मिलेगी। उनका निधन दुखद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।

दोशी को आर्किटेक्चर की दुनिया में उनके कई अनोखे कामों के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार के कई सदस्य आर्किटेक्ट हैं। बालकृष्ण दोशी ने जिन भवनों और संस्थाओं का निर्माण किया है उनमें अहमदाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ इंडोलॉजी, सीईपीटी यूनिवर्सिटी और कनोरिया सेंटर फॉर आर्ट्स, बैंगलोर में भारतीय प्रबंधन संस्थान और इंदौर में निम्न से मध्यम आय वाले परिवारों के लिए एक टाउनशिप अरन्या लो कॉस्ट हाउसिंग शामिल है।