Indore Corona : कोविड इलाज के लिये बनेगा प्रोटोकॉल

इंदौर (Indore News) : इंदौर जिले में कोरोना महामारी के तीसरे चरण से निपटने के लिये व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किये जा रहे है। निजी अस्पतालों में भी कोविड के इलाज के पुख्ता व्यवस्था की गई है। पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित रखें गये हैं। कोरोना के इलाज के लिये लगभग 50 अस्पतालों को अनुमति प्रदान की गई है। अनुमति प्राप्त किये बगैर कोविड का इलाज करने वाले अस्पतालों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। अस्पताल संचालकों को निर्देश दिये गये कि वे निर्धारित दरों पर ही कोविड का इलाज करें। निर्धारित दर से अधिक राशि लेने वाले अस्पताल संचालकों के विरूद्ध भी कार्रवाई होगी।

यह जानकारी आज यहां आईएमए, पीड्रियॉटिक एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद श्री शंकर लालवानी ने की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मनीष सिंह, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे सहित उपरोक्त एसोसिएशन के पदाधिकारीगण मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि कोविड के इलाज के लिये प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है।

अपेक्षा की गई है कि कोविड का इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया जाये। बैठक में बताया गया कि कोविड के इलाज के लिये दरों की निर्धारण किया गया है। सभी अस्पताल निर्धारित दरों पर ही इलाज सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि एक समिति बनाकर यह आकंलन किया जा रहा है कि कोविड के इलाज में कौनसी दवाईयों की आवश्यकता रहेगी। आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये दवा निर्माताओं और विक्रेताओं के साथ शीघ्र ही बैठक की जायेगी। बैठक में निर्देश दिये गये कि बगैर अनुमति के कोई भी अस्पताल कोविड का इलाज नहीं करें।

बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि पूर्व अनुभव के अनुसार कोविड के इलाज में अस्पतालों ने बेहतर सहयोग दिया था। इसी तरह का सहयोग कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में भी दिया जाये। अस्पताल संचालक कोरोना के इलाज के लिये अपने यहां सभी आवश्यक संसाधन, सुविधाएं और प्रबंध रखें। बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने निर्देश दिये कि सभी अस्पताल निर्धारित दर से इलाज करें। जनता को परेशान नहीं करें। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने पर कार्रवाई होगी। बगैर अनुमति के कोई भी नया अस्पताल शुरू नहीं किया जाये।

बैठक में राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति बनाकर इलाज का प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलाज में लगने वाली दवाईयों का आंकलन कर उसकी उपलब्धता और सहजता के साथ वितरण की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।